महाराष्ट्र में 1 नवंबर से शुरू होगी गन्ना पेराई

सुशील मिश्र | मुंबई Sep 20, 2017 09:57 PM IST

महाराष्ट्र में 2017-18 के लिए गन्ना पेराई सत्र की शुरुआत एक नवंबर से होगी। राज्य में इस साल गन्ना उत्पादन पिछले साल की अपेक्षा 94 फीसदी अधिक रहने का अनुमान है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि चीनी उद्योग को दी जाने वाली सभी तरह की मंजूरी और लाइसेंस अब ऑनलाइन होंगे। इस साल के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) प्रति टन 2,550 रुपये तय किया गया है।
 
मंत्रिमंडल के सहयोगियों और गन्ना क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने चीनी उद्योग से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन करने का निर्देश दिया। साल 2017-18 के दौरान राज्य में गन्ने का रकबा 9.02 लाख हेक्टेयर और गन्ना उत्पादन 722 लाख टन रहने का अनुमान है। इस साल राज्य में चीनी का उत्पादन 73.4 लाख टन रहने की उम्मीद है। 2016-17 की तुलना में 2017-18 में गन्ने का उत्पादन 94 फीसदी बढऩे का अनुमान है। इस साल राज्य में 170 चीनी मिलों में पेराई का काम होगा।
 
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक मार्च 2017 में 90 सहकारी चीनी मिलों के 6,100 करोड़ रुपये के कर्ज का पुनर्गठन करने की केंद्र से सिफारिश की गई थी। राज्य सरकार सहकारी चीनी मिलों के लिए कम ब्याज दर पर कर्ज के लिए काम कर रही है। गन्ने की तय एफआरपी उन्हीं चीनी मिलों को दी जाएगी जो सरकारी दिशानिर्देशों का सही ढंग से पालन करेंगे और प्रीमियम का सही समय पर भुगतान कर रहे हैं। सरकार ने गन्ना आयुक्तों को निर्देश दिया है कि वे जल्द से जल्द मानदंड़ों को पूरा कराने का काम करें और सभी तरह के निर्देशों का ऑनलाइन करें। राज्य में पानी की समस्या के कारण गन्ने की पैदावार कम हुई थी। 
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