'सस्ती बिजली देने वालों का स्वागत'

अर्चिस मोहन | नई दिल्ली Sep 22, 2017 09:44 PM IST

उत्तर प्रदेश के बिजली मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार सस्ती दरों पर बिजली मुहैया करने वाली कंपनियों का स्वागत करेगी। राज्य फिलहाल गंभीर बिजली संकट से गुजर रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए 3,200 मेगावॉट बिजली खरीद के समझौते रद्द कर दिए हैं।
शर्मा ने कहा कि ये परियोजनाएं केवल कागजों पर ही थीं। इस समय राज्य बिजली की मांग इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से पूरी कर रहा है। शर्मा ने कहा, 'हम ऐसी किसी भी कंपनी का स्वागत करेंगे, जो हमें सस्ती बिजली देगी। राज्य अपनी बिजली आवश्यकता का 40 प्रतिशत उत्पादन करती है और 60 प्रतिशत बिजली बिजली एक्सचेंज से खरीदी जा रही है।'
मंत्री ने कहा कि राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता 11,0000 मेगावॉट है और यह इस समय 8,500 मेगावॉट बिजली का उत्पादन कर रही है। शर्मा ने कहा कि राज्य में पारेषण और वितरण के दौरान 38 प्रतिशत नुकसान होता है, जिससे बिजली क्षेत्र को 29,000 करोड़ रुपये का नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीने के दौरान बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के उपाय किए गए हैं और बकाया बिल वसूलने के लिए भी कदम उठाए गए हैं, जिनसे राजस्व में 23 प्रतिशत तेजी आई है।
शर्मा ने कहा कि बिजली 2.80 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदी जा रही है, जिसकी कीमत ग्राहकों तक पहुंचते-पहुंचते 7.50 रुपये प्रति यूनिट हो जाती है।
बिजली मंत्रालय के अनुमान के अनुसार में 2022 तक 24,700 मेगावॉट बिजली की जरूरत हो सकती है। मंत्रालय ने कहा कि राज्य सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए योजना तैचार कर रही है। बिजली चोरी रोकने के लिए राज्य ने 70 से 75 पुलिस स्टेश्न स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है।

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