यूपी कैंटीन पर भी जीएसटी की मार

बीएस संवाददाता | लखनऊ Sep 28, 2017 09:54 PM IST

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से केवल व्यापारी ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के सरकारी कैंटीनों में काम कर रहे हजारों कर्मचारी भी हलकान हैं। जीएसटी लागू होने से प्रदेश के 22 लाख कर्मचारियों को सस्ते दामों पर सामान बेचने के लिए खोली गई सरकारी कैंटीनों का कारोबार भी घटकर आधे से कम रह गया है। पहले इन कैंटीनों में बिकने वाले सामान पर मूल्यवर्धित कर (वैट) से छूट दी जाती थी जो जीएसटी लगने के बाद खत्म हो गई है। नतीजतन वैट छूट के बाद सरकारी कर्मचारियों को जो सामान 14 फीसदी कम कीमत पर मिलता था, वह अब बाजार दर पर मिलने लगा है। जीएसटी लागू होने के बाद सरकारी कैंटीनों को 16 सितंबर तक तो छूट पर सामान बेचने के अनुमति थी लेकिन अब वह भी खत्म हो गई है। 
 
उत्तर प्रदेश में राज्य कर्मचारी कल्याण निगम 167 सरकारी कैंटीनों के जरिये सस्ते सामान की बिक्री करता रहा है। पिछले पांच वर्षों में निगम ने बिग बाजार व अन्य बड़े रिटेल स्टोरों की तर्ज पर प्रदेश के आठ शहरों में 19 फैमिली बाजार भी खोले हैं। अकेले राजधानी में ही कर्मचारी कल्याण निगम के 10 फैमिली बाजार खुले हैं। इन कैंटीनों से निगम सालाना 1,100 करोड़ रुपये का कारोबार करता है। निगम अधिकारियों के मुताबिक लगातार अनुरोध के बाद भी राज्य सरकार ने सरकारी कैंटीनों को जीएसटी से छूट नही दी है, जिससे यहां काम करने वाले लगभग 600 कर्मचारियों के वेतन के भी लाले पड़ गए हैं। 
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