पट्टा किराया नहीं देने पर रद्द होगा आवंटन

रामवीर सिंह गुर्जर | नई दिल्ली Oct 02, 2017 10:08 PM IST

करीब 13,000 उद्यमियों ने नहीं भरा किराया एवं ब्याज

पुनर्वास योजना के उद्यमियों को 15 अक्टूबर तक पट्टा किराया भरने के नोटिस

दिल्ली सरकार पुनर्वास योजना के तहत उद्योग लगाने वाले ऐसे उद्यमियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है, जो सरकार को पट्टे का किराया (लीज रेंट) नहीं दे रहे हैं। दिल्ली राज्य औद्योगिक व ढांचा विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) की ओर से पट्टा किराया नहीं भरने वाले उद्यमियों को नोटिस भेजे गए हैं। पुनर्वास योजना के तहत बवाना, भोरगढ़, नरेला, झिलमिल समेत अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में उच्चतम न्यायालय के आदेश पर रिहायशी क्षेत्रों में चल रहे उद्योगों को बसाया गया है।

निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुनर्वास योजना के कुछ आवंटियों ने आवंटन/लीज डीड के अनुसार पट्टा किराया और इसमें देरी पर देय ब्याज अभी तक जमा नहीं किया है जबकि पूर्व में इन आवंटियों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। पट्टा किराया व ब्याज नहीं चुकाने वाले औद्योगिक भूखंड, फ्लैटेड फैक्टरी के आवंटियों को 15 अक्टूबर तक ब्याज सहित किराया जमा करने के नोटिस भेजे गए हैं।

नोटिस में कहा गया है कि इस अवधि तक किराया और ब्याज अदा नहीं करने वाले आवंटियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए तहत निगम आवंटित भूखंडों, फ्लैटेड फैक्टरियों के आवंटन को निरस्त कर सकता है। अधिकारी ने बताया कि करीब 13,000 उद्यमियों ने पट्टा किराया नहीं भरा है। 

पुनर्वास योजना के तहत 22,000 से अधिक उद्यमियों को औद्योगिक भूखंड व फ्लैटेड फैक्टरी का आवंटन हुआ है। इस तरह करीब 60 फीसदी उद्यमियों ने किराया नहीं भरा है। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे उद्यमी हैं, जिन पर लाखों रुपये की देनदारी बनती है। बवाना चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के चेयरमैन प्रकाशचंद जैन ने कहा कि उद्यमियों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं देने के बावजूद उनसे किराये की मांग की जा रही है। अभी जो देनदारी भरने को कहा जा रहा है, उसमें बड़ी हिस्सेदारी ब्याज की राशि की है। 
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