अगले साल चालू होगा बरौनी उर्वरक कारखाना

बीएस संवाददाता | पटना Oct 10, 2017 09:53 PM IST

जगदीशपुर-हल्दिया गैस पाइपलाइन ने बिहार में उर्वरक कारखाने का भी रास्ता साफ कर दिया है। इस कारखाने की स्थापना बरौनी में की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक इस कारखाने से अगले साल के अंत तक उत्पादन शुरू हो जाएगा। केंद्र सरकार ने पिछले साल उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और पश्चिम बंगाल स्थित सिंदरी उर्वरक कारखानों के साथ-साथ इस कारखाने से फिर से उत्पादन शुरू करने का फैसला लिया था। इसके लिए केंद्र सरकार ने एनटीपीसी, कोल इंडिया और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर एक विशेष कंपनी बनाई थी। 
 
अकेले बरौनी उर्वरक कारखाने पर केंद्र सरकार ने करीब 6,000 करोड़ रुपये के निवेश का फैसला लिया है। साथ ही, इस कारखाने को ईंधन की आपूर्ति गेल के जगदीशपुर-हल्दिया गैस पाइपलाइन से ही की जाएगी। इसके लिए गया से खास तौर पर एक सहयोगी पाइपलाइन बेगूसराय जिले तक जाएगी। इस कारखाने का निर्माण बरौनी स्थित हिंदुस्तान फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचएफसीएल) की पुरानी फैक्टरी के 480 एकड़ के कैंपस में ही किया जाएगा, जो 1999 से बंद पड़ी हुई है। राज्य सरकार के सूत्रों के मुताबिक पुरानी फैक्टरी को तोडऩे का काम चल रहा है, जबकि नए कारखाने का निर्माण का काम अगले महीने से शुरू हो जाएगा।
 
राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस कारखाने से अगले साल के अंत तक उत्पादन भी शुरू हो जाएगा। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'इस बारे में तेज रफ्तार से काम चल रहा है। इस कारखाने को लेकर सभी कागजी काम पूरा हो चुका है। इस कारखाने को ईंधन गेल के गैस पाइपलाइन से मिलेगा, जिस बारे में भी तेजी से काम चल रहा है। हमें अगले साल के अंत तक इस कारखाने से उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।' 
 
इस कारखाने के बाबत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पेट्रोलियम मंत्री धमेंद्र प्रधान के बीच बीते शनिवार को बातचीत भी हुई थी। इस बारे में केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को जल्दी ही निर्माण कार्य शुरू होने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को इस बारे में बताया, 'केंद्रीय मंत्री धमेंद्र प्रधान से हमारी कई मुद्दों पर बात हुई। इसमें बरौनी स्थित पेट्रोकेमिकल प्लांट और उर्वरक कारखाने को लेकर भी बात हुई।'
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