दीवाली से पहले मिट्टी के दीये रोशन

बीएस संवाददाता | लखनऊ Oct 12, 2017 10:27 PM IST

दीवाली के मौके पर एक बार फिर चीनी उत्पादों के बहिष्कार की बयार के बीच कुम्हारों के धंधे ने जोर पकड़ लिया है। एक अरसे बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कुम्हारों के मोहल्ले खुशहालगंज में 24 घंटे काम चल रहा है। इस बार दीवाली के मौके पर मिट्टी के दीये, मूर्ति, खिलौने बनाने वाले कुम्हारों के पास काम का अंबार लगा है। मिट्टी के दिये की मांग का आलम यह है कि त्योहार के दो महीने पहले से ही कुम्हारों के पास आर्डर आने लगे थे। बढ़ी मांग से इनके दाम भी बढ़ गए हैं और कारीगरों की मजदूरी भी बढ़ी है। कारीगरों का कहना है कि इस बार दाम में 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। मिट्टी के दिए की मांग सर्वाधिक बढ़ी है। पिछले साल खुदरा बाजार में 20 रुपये सैकड़ा बिकने वाले दीये इस साल दीवाली के एक सप्ताह पहले ही 30 रुपये सैकड़े के भाव मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में इसकी कीमत में और भी इजाफा हो सकता है। मिट्टी के खिलौनों की मांग भी पहले के मुकाबले बढ़ी है, हालांकि इनमें भी सांचे पर या मशीन पर बनने वाले खिलौनों की ही ज्यादा पूछ है। 
 
खुशहालगंज में मिट्टी के बर्तनों का कारखाना चलाने वाले और थोक व्यापारी राम मिलन का कहना है कि अरसे से मंद पड़ा धंधा पिछले दो सालों से उठने लगा है और इस बार तो मांग खासी बढ़ी है।  उनके अनुसार अभी भी बाजार में चीन से आने वाले लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की मांग है, हां इसमें कमी जरूर आई है। लखनऊ के बुलाकीअड्डïा के कुम्हार राम आसरे के मुताबिक पिछले साल शहर के कई बड़े शापिंग मॉल में मिट्टी के दीये, खिलौनों और मूर्तियों के स्टॉल लगाए गए थे और इस बार तो मांग और भी ज्यादा हो रही है।
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