वाराणसी: कालीन उद्योग के लिए भेड़ पालन को प्रोत्साहन

बीएस संवाददाता | वाराणसी Oct 13, 2017 09:47 PM IST

कालीन नगरी भदोही में कई प्रकार के कालीनों का उत्पादन होता है और इसमें ऊन से बने कालीन भी होते हैं जो भेड़ के बालों से बनता है। इसलिए सरकार भेड़ पलकों के लिए भी योजना चला रही है। बुनकरों को बढ़ावा देने के लिए सरकार उन्हें भेड़ पालन से भी जोडऩा चाहती है जिसके तहत भेड़ पालन से कच्चा माल उपलब्ध होगा, वहीं सरकार भेड़ पालन के लिए 10 लाख रुपये तक मुहैया कराएगी। भदोही के सांसद व राष्ट्रीय किसान मोर्चा के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह मस्त ने उक्त बातें कही। 
 
उन्होंने बताया कि योजना के तहत 10 भेड़ पालने वाले को एक लाख और 100 भेड़ पालने वाले को 10 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। वाराणसी में आयोजित चार दिवसीय 34वां भारत कालीन मेले के समापन समारोह में भदोही के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि सरकार कालीन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। कालीन निर्यात संवद्र्धन परिषद के अध्यक्ष महावीर शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार की वस्त्र नीति में कालीन बुनकरों के लिए कोई खास जगह नहीं है। इसलिए परिषद् ने कालीन बुनकरों के हित में आवाज उठाया है और नीति में संशोधन कर कालीन उद्योग के अनुकूल बनाने के लिए वस्त्र मंत्रालय को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि 58 देशों से आए 400 से अधिक खरीदारों ने हिस्सा लिया।
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