बरेली की जरी की फिर फैलेगी चमक

बीएस संवाददाता | लखनऊ Oct 13, 2017 09:56 PM IST

दुनिया भर में मशहूर बरेली की जरी की चमक एक बार फिर देश-विदेश तलक फैलेगी। पिछले कई सालों से अस्तित्व खो रही जरी-जरदोजी कारीगरी को एक बार फिर बुलंदी पर लाने और कुछ सालों से मंदी के दौर से गुजर रहे कारीगरों को नई ऊर्जा देने के लिए जरी उत्पादों के मेले भारत के बड़े शहरों के अलावा दुबई सहित पांच देशों में लगेंगे ।  देश-विदेश में होने वाले जरी मेला के आयोजन में न केवल कारीगर भाग लेंगे, बल्कि कारोबार से होने वाली आमदनी का पूरा लाभ भी उन्हीं को मिलेगा। बरेली के जरी कारीगरों की भागीदारी के साथ इस काम के लिए एक नई कंपनी जरी इंडिया लिमिटेड का गठन किया गया है। कुछ साल पहले तक विदेश में भी बरेली को जरी जरदोजी के कारण जाना जाता था, लेकिन अब यह हुनर अपना अस्तित्व खोता जा रहा है। हजारों जरी कारीगर आज भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं और बड़ी संख्या में कारीगर शहर से पलायन कर गए हैं। जरी नगरी के नाम से मशहूर बरेली में जरी जरदोजी कारोबार को बढ़ावा देने के लिए ठोस पहल हो रही है।  
 
बरेली में लगभग साढ़े आठ लाख कारीगर है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। जरी जरदोजी का अस्तित्व बचाने के लिए जरी कारोबार से जुड़े कारीगरों के लिए जरी इंडिया लिमिटेड कंपनी का गठन किया गया है, जिसमें हर जरी कारीगर उस कंपनी का मालिक होगा। उत्तर प्रदेश एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो के सदस्य हाजी शकील कुरैशी ने बताया कि कंपनी गुजरात की अमूल की तर्ज पर काम करेगी। उन्होंने कहा कि जरी इंडिया लिमिटेड कंपनी के मालिक कारीगर ही होंगे। उन्होंने बताया की बरेली एक्सपोर्ट प्रमोशन कौंसिल केवल-जरी इंडिया लिमिटेड कंपनी के खड़े होने तक सहयोग करेगी। 
 
जरी इंडिया लिमिटेड कंपनी के सदस्यों का पंजीयन शुरू किया गया है। लगभग एक लाख कारीगरों के पंजीयन हो चुके हैं, जिनमें 30 प्रतिशत महिलाएं हैं। दो महीने के अंदर साढ़े आठ लाख कारीगरों का नि:शुल्क पंजीयन होगा। कंपनी के गठन का स्वागत करते हुए बरेली के सांसद और श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री ( स्वतंत्र प्रभार ) संतोष गंगवार ने कहा कि यह एक अच्छी पहल है।
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