पंजाब में औद्योगिक एवं कारोबार विकास नीति को मंजूरी

बीएस संवाददाता | जालंधर Oct 16, 2017 10:07 PM IST

औद्योगीकरण और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पंजाब मंत्रिमंडल ने आज नई औद्योगिक एवं कारोबारी विकास नीति 2017 को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही 1 नवंबर से उद्योगों के लिए बिजली की दर 5 रुपये प्रति यूनिट तय करने और औद्योगिक ऋण के एकबारगी निपटान का रास्ता साफ हो गया है। आज मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में आज राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई, जिसमें नीति के विभिन्न प्रावधानों पर मुहर लग गई। इन प्रावधानों में मौजूदा एवं नए उद्योगों के लिए 5 सालों के लिए बिजली शुल्क तय करना शामिल है। इस नीति के तहत मौजूदा इकाइयों को नई इकाइयों के तहत ही विस्तार, आधुनिकीकरण और सुधार के लिए मुआवजा दिया जाएगा। 
 
पंजाब राज्य औद्योगिक विकास निगम (पीएसआईडीसी), पंजाब वित्त निगम (पीएफसी) और पंजाब एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएआईसी) से लिए गए ऋण के एकबारगी समाधान का भी उपाय है। एक आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार एकबारगी समाधा नीति, 2017 से फंसी हुए औद्योगिक निवेश और परिसंपत्तियां जारी करने और इन्हें दोबारा उत्पादक कार्यों में लगाने में मदद मिलेगी।  
 
डीटीएच, लोकल केबल कनेक्शन लगेगा कर  
 
राज्य मंत्रिमंडल ने डीटीएच और लोकल केबल कनेक्शन पर शहरी और ग्रामीण स्थानीय इकाइयों द्वारा मनोरंजन कर लगाने को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही अब ये स्थानीय इकाइयां हरेक महीने प्रति डीटीएच कनेक्शन 5 रुपये और प्रति लोकल केबल कनेक्शन मनोरंजन कर लगा सकेंगे। स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने मंत्रिमंडल को बताया कि इस साधारण कर से केबल ऑपरेटरों में जवाबदेही का एहसास होगा। उन्होंने कहा कि नई कर संरचना लागू होने से राज्य सरकार केबल ऑपरेटरों और डीटीएच कंपनियों को आवंटित कनेक्शनों के बारे में जानकारी देने के लिए कहेगी। ये इकाइयां कर बचाने के लिए अब तक आवंटित कनेक्शनों की सही जानकारी देने से आनकानी कर रही थीं। 
कीवर्ड panjab, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह,

  
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