भावांतर योजना शुरू, 23 लाख से अधिक पंजीयन

बीएस संवाददाता | भोपाल Oct 16, 2017 10:08 PM IST

मध्य प्रदेश में आज से शुरू हुई भावांतर भुगतान योजना में तकरीबन 23 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। इनमें सबसे अधिक करीब 8.5 लाख किसानों ने सोयाबीन के लिए जबकि 4.5 लाख किसानों ने उड़द की फसल के लिए पंजीकरण कराया है। योजना के तहत एक सितंबर से 15 अक्टूबर तक किसानों ने सोयाबीन के अलावा मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द और अरहर की फसलों का पंजीयन कराया। 
 
योजना के तहत बाजार मूल्य और आदर्श बिक्री मूल्य का अंतर सीधे किसानों के खाते में नकद अंतरित किया जाएगा। सरकार यह काम राज्य सहकारी विपणन संघ और नागरिक आपूर्ति निगम के जरिये करेगी। इस योजना में आदर्श विक्रय दर की गणना मध्य प्रदेश के अलावा दो अन्य राज्यों के भाव के आधार पर की जाएगी। उदाहरण के लिए सोयाबीन के लिए महाराष्ट्र और राजस्थान, मूंगफली के लिए गुजरात और राजस्थान, तिल के लिए  उड़ीसा और छत्तीसगढ़, रामतिल के लिए पश्चिम बंगाल और राजस्थान, मक्का के लिए कर्नाटक और महाराष्ट्र, मूंग के लिए राजस्थान और महाराष्ट्र, उड़द के लिये राजस्थान और उत्तर प्रदेश तथा अरहर के लिए महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों से मॉडल विक्रय दर ली जाएगी।
 
प्रमुख सचिव कृषि राजेश राजौरा बताते हैं कि यदि किसान द्वारा मंडी समिति परिसर में बेची गई अधिसूचित फसल की विक्रय दर न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम, लेेकिन राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से अधिक हुई, तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा किसान द्वारा विक्रय मूल्य के अंतर की राशि किसान के खाते में भेजी जाएगी। माना जा रहा है कि इस योजना के कारण राज्य सरकार पर 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का बोझ आएगा। राज्य के वित्त मंत्री जयंत मलैया का कहना है कि राज्य की वित्तीय स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन स्वतंत्र आकलनकर्ता कहते हैं कि हालात नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं।
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