देश को चिकित्सा पर्यटन केंद्र बनाएगा डालमिया समूह

बीएस संवाददाता | वाराणसी Oct 27, 2017 10:04 PM IST

देश के बड़े उद्योग घरानों में एक डालमिया समूह देश को सबसे बड़ा चिकित्सा पर्यटन का केंद्र बनाने की योजना पर काम कर रहा है और जल्द ही समूह इसे मूर्त रूप देकर दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा से इसकी शुरुआत कर सकता है। मॉरीशस उच्चायोग द्वारा प्रवासी भारतीय दिवस के मौके पर वाराणसी के इंडियन डायस्पोरा सेंटर में आयोजित दूसरे विश्व प्रवासी सम्मेलन में भाग लेने आए उद्योगपति व डालमिया समूह के अध्यक्ष संजय डालमिया ने कहा कि वाराणसी को छोड़ लखनऊ, कानपुर, रायबरेली, रामपुर और इलाहबाद शहरों में बदलाव आया है जबकि ये शहर कभी कबाड़ टाउन की श्रेणी में आते थे, लेकिन बनारस नहीं बदला।
 
उन्होंने अपने पुस्तैनी शहर वाराणसी को स्मार्ट शहर बनाए जाने की योजना की बात करते हुए कहा कि डालमिया समूह बनारस के विकास में अभी कोई मदद नहीं कर सकता लेकिन यहां पर फैली डालमिया समूह की विरासत को संजोकर कुछ कार्य अवश्य करूंगा। लगभग 30 वर्षों के बाद अपने पुस्तैनी शहर आए संजय डालमिया ने कहा कि मॉरीशस, नेपाल, अफगानिस्तान, मध्य पूर्व देशों के साथ दक्षिण एशिया के देश जहां भारतवंशी हैं और इलाज के लिए भारत आते हैं, उनके लिए डालमिया समूह भारत में चिकित्सा पर्यटन का केंद्र खोलेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए पहले मॉरीशस दूतावास से बात की गई है। वहीं सऊदी अरब के कई शेख से भी बात हो गई है। यहां आने वाले लोगों को विश्वसनीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी जिसके लिए डालमिया समूह ने 100 से ज्यादा बड़े व अत्याधुनिक अस्पतालों के साथ 2,000 से ज्यादा चिकित्सकों के साथ करार किया है। उन्होंने कहा कि 2020 व 2021 तक पूरे भारत को चिकित्सा पर्यटन का बड़ा केंद्र बना देंगे। भारत में आयुर्वेद और एलोपैथ चिकित्सा के लिए कई देशों से लोग आते हैं और सही जानकारी नहीं होने के कारण उन्हें निराशा होती है। उन्होंने बताया कि अमेरिका में अभी भी 5 करोड़ से ज्यादा लोगों के पास मेडिकल इंश्योरेंस भी नहीं है और इसलिए वहां के लोग भी भारत इलाज के लिए आते हैं। अमेरिका के सबसे बड़े क्लिनिक मेयो क्लिनिक से भी करार किया गया है वहां से भी मरीजों को भारत भेजा जाएगा। संजय डालमिया ने बताया कि डालमिया समूह की कंपनियों में जल्द नए बदलाव दिखाई पड़ेंगे। 
 
विश्व प्रवासी भारतीय रत्न सम्मान मिला
 
प्रवासी भारतीय दिवस के मौके पर मॉरीशस उच्चायोग द्वारा आयोजित दूसरे विश्व प्रवासी सम्मेलन में प्रमुख उद्योगपति संजय डालमिया समेत 5 लोगों को विश्व भारतीय रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया। मॉरीशस में रहने वाले भारतीयों के ओद्यौगिक एवं सांस्कृतिक विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए डालमिया को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मौके पर संजय डालमिया ने कहा कि भारतीय न केवल अपनी संस्कृति बल्कि अपने मूल्यों के माध्यम से भी एक दूसरे के साथ जुड़े हैं। भाईचारे की भावना सभी सीमाओं को पार कर जाती है और इसलिए हम भोगौलिक सीमाओं की परवाह किए बिना अपने भारतीय बंधुओं के लिए काम करने के लिए प्रेरित होते हैं। मैंने अपनी मातृभूमि की सेवा में बहुत छोटी सी भूमिका निभाई है। 
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