सियासी रंग चढ़ा फेरीवाला संघर्ष

सुशील मिश्र | मुंबई Nov 01, 2017 10:04 PM IST

मुंबई में फेरीवालों का मुद्दा राजनीति के साथ संघर्ष का रूप ले चुका है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) कार्यकर्ता फेरीवालों से बदला लेने की बात कर रहे हैं तो वहीं कांग्रेस फेरीवालों के सहारे उत्तर भारतीयों की हितैषी बनने की कोशिश करने लगी है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और मनसे आमने सामने आ चुकी है। इस वजह से दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हो चुकी है। भाजपा और राकांपा मनसे के साथ दिख रही है, जबकि शिवसेना इस मामले में अबतक चुप है। राजनीतिक दलों की बढ़ती दिलचस्पी इस मामले को मराठी बनाम उत्तर भारतीय संघर्ष बना दिया है। वहीं सामाजिक संस्थाएं और सचिन तेंदुलकर जैसे प्रतिष्ठित खिलाड़ी फेरीवालों के मुद्दे का स्थायी समाधान की सलाह दे हैं। 
 
कांग्रेस ने फेरीवालों के समर्थन में उनके लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया। लेकिन मनसे कार्यकर्ताओं ने इस समारोह में बाधा पहुंचाने की कोशिश की। इसे लेकर दादर में कांग्रेस और मनसे कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई।  राज ठाकरे की अगुवाई वाली पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुंबई कांग्रेस प्रमुख संजय निरूपम के खिलाफ नारेबाजी भी की। पुलिस उपायुक्त राजीव जैन के मुताबिक मनसे के 15 और कांग्रेस के 8 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। 
 
कांग्रेस नेता संजय निरूपम का कहना है कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मुख्य रूप से मराठी हैं और उन्होंने मराठी फेरीवालों को सम्मानित करने के लिए समारोह का आयोजन किया था। लेकिन मनसे के कार्यकर्ताओं ने इसमें भी बाधा डाली।  शहर में बढ़ते तनाव के बीच क्रिकेट खिलाड़ी और राज्य सभा सदस्य सचिन तेंदुलकर ने महानगर में फेरीवालों के लिए समर्पित क्षेत्र बनाने का सुझाव दिया है। साथ ही मुंबई निवासियों की विभिन्न समस्याओं को दूर करने के लिए अन्य उपाय भी करने को कहा है। तेंदुलकर ने मुंबई उपनगर जिला कलेक्टर दीपेंद्र सिंह कुशवाहा को एक पत्र लिखा है। 
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