धान पर बोनस से निर्यात परिदृश्य होगा प्रभावित

आर कृष्णा दास | रायपुर Nov 03, 2017 09:40 PM IST

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान पर घोषित बोनस से राज्य में चावल के निर्यात परिदृश्य पर प्रतिकूल असर पड़ा है। राज्य सरकार ने धान पर 300 रुपये प्रति क्विंटल के बोनस की घोषणा की है जिसे किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदा जाएगा। जहां इस पहल से किसान खुश हैं क्योंकि उन्हें ज्यादा प्रतिफल मिलेगा, पर राज्य में चावल कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।

 
केंद्र ने धान का एमएसपी 80 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1,550 रुपये (सामान्य ग्रेड किस्म)  और ए ग्रेड के लिए 1590 रुपये करने की मंजूरी दी है। छत्तीसगढ़ में किसानों को अब सामान्य ग्रेड के लिए 1,850 रुपये प्रति क्विंटल और ए ग्रेड के धान के लिए 1,890 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे। किसानों को बोनस का लाभ सोसायटी के जरिये सरकार को धान बेचे जाने पर मिलेगा।
 
राज्य के  बड़े हिस्से को सूखे का सामना करना पड़ा है और इस वजह से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल ने कहा, 'कम उत्पादन की वजह से उपज का बड़ा हिस्सा सरकार द्वारा एमएसपी के हिसाब से खरीदा जाएगा जबकि शेष धान किसान कम कीमत पर व्यापारियों को बेचने के लिए बाध्य होंगे।' अग्रवाल के अनुसार छत्तीसगढ़ में व्यापारियों के पास देश से बाहर अपने समकक्षों के लिए ऊंची कीमत मांगने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया है। प्रतिस्पर्धा बढऩे की वजह से विदेश में व्यापारी ओडिशा, महाराष्ट्र या आंध्र प्रदेश से खरीदारी करना पसंद करेंगे। इसके अलावा राज्य सरकार ने घोषणा की है कि वह सूखे की वजह से रबी फसलों के लिए पानी मुहैया नहीं कराएगी। इससे लगभग 10 लाख टन धान प्रभावित होगा। छत्तीसगढ़ ने लगभग 15 लाख टन परबॉयल्ड राइस (अधपके चावल) का निर्यात किया है। 
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