निकाय चुनाव में कई बेदाग

बीएस संवाददाता | लखनऊ Nov 15, 2017 09:53 PM IST

उत्तर प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों में इस बार नगर निगमों के महापौर पद के लिए उतरे ज्यादातर प्रत्याशी आपराधिक छवि के नहीं हैं। इतना ही नही शहरों की पंचायत में भाग्य अजमाने को उतरे ज्यादातर प्रत्याशी उच्च शिक्षा प्राप्त हैं। सबसे प्रतिष्ठित माने जाने वाले राजधानी लखनऊ के महापौर पद के लिए चुनाव लड़ रहे सभी प्रत्याशी बेदाग छवि के हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से उतारे गए प्रत्याशियों में समाजवादी पार्टी की मीरावर्धन सबसे अमीर हैं हालांकि उन पर देनदारी भी सबसे ज्यादा है।
 
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर), यूपी इलेक्शन वॉच की ओर से बुधवार को जारी लखनऊ के महापौर पद के प्रत्याशियों के आर्थिक, आपराधिक और शैक्षिक प्रष्ठभूमि की समीक्षा से पता चलता है कि पहली बार महिलाओं के लिए आरक्षित इस नगर निगम की सबसे बड़ी कुरसी के दावेदारों में कोई भी आपराधिक छवि का नहीं है। उम्मीदवारों की ओर दाखिल किए गए शपथपत्रों के अनुसार किसी पर कोई भी आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। लखनऊ के महापौर के लिए 19 प्रत्याशियों में 10, करीब 53 फीसदी करोड़पति हैं जबकि 11 (58 फीसदी) की शैक्षिक योग्यता स्नातक या इससे ज्यादा हैं। लखनऊ के मेयर पद का चुनाव लड़ रही तीन प्रत्याशी डॉक्टरेट डिग्री धारक हैं जबकि चार की शैक्षिक योग्यता 8वीं से 12वीं पास है।
 
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक लखनऊ के महापौर के लिए दावेदारी कर रही सपा की मीरावर्धन की कुल संपत्ति 18.98 करोड़ है जबकि उन पर 1.84 करोड़ रुपये की देनदारी है। भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी संयुक्ता भाटिया की कुल संपत्ति 8.69 करोड़ व देनदारी 44.34 लाख रुपये की है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की कुल संपत्ति 76 लाख रुपये है तो बहुजन समाज पार्टी की प्रत्याशी बुलबुल गोदियाल की संपत्ति 2.46 करोड़ रुपये है। बुलबुल गोदियाल पर 10 लाख रुपये की देनदारी है। आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी प्रियंका महेश्वरी की कुल संपत्ति 1.88 करोड़ रुपये व देनदारी 38,000 रुपये की है। नागरिक सेवा पार्टी की ओर से मैदान में उतरी तरुश्री के पास 1.11 करोड़ रुपये की संपत्ति व 44 लाख रुपये की देनदारी है।
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