जीएसटी रिटर्न भरने से कतरा रहे कारोबारी

बीएस संवाददाता | पटना Jan 03, 2018 09:43 PM IST

बिहार में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लेकर छोटे कारोबारियों पर शिकंजा कस सकता है। चालू वित्त वर्ष में राज्य में जीएसटी की कंपोजिशन स्कीम के तहत करीब 75,000 कारोबारियों में दो-तिहाई ने अब तक पहली तिमाही का रिटर्न दाखिल नहीं किया है। राज्य सरकार ने वाणिज्य कर विभाग को इसकी जांच के आदेश दिए हैं। राज्य के उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने इस योजना को कारोबारी और उत्पादकों के लिए बड़ी राहत करार दिया। उन्होंने कहा, 'सरकार ने छोटे उत्पादकों और कारोबारियों को राहत देने के लिए ही कंपोजिशन स्कीम की शुरुआत की थी। पहले इस योजना के तहत कारोबारियों को अपनी कुल कमाई का 2 फीसदी कर के रूप में चुकाना था। अब इस बारे में जीएसटी परिषद ने बड़े बदलाव का ऐलान किया है। जीएसटी परिषद ने अब इसे घटाकर सिर्फ करदेय वस्तुओं के कुल कारोबार का एक फीसदी कर दिया। विनिर्माताओं को भी इस योजना के तहत महज एक फीसदी की दर से कर चुकाना पड़ेगा। इससे रिटर्न दाखिल करने वालों की तादाद में इजाफा होने की उम्मीद है। मोदी इस वक्त जीएसटी नेटवर्क के मंत्री समूह के अध्यक्ष भी हैं। 
 
शराब माफिया पर कसेगा शिकंजा
 
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी के लिए अपनी पुलिस को चुस्त रहने की ताकीद दी। कुमार ने बुधवार को पुलिस विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों को शराब माफिया पर नजर रखने के आदेश दिए। उन्होंने शराबबंदी से जुड़े मामलों के त्वरित जांच और अदालती निपटारे को सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया।
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