प्लास्टिक-रबर उद्योग पर टिकी बिहार की नजर

बीएस संवाददाता | पटना Jan 11, 2018 09:43 PM IST

बिहार सरकार राज्य में प्लास्टिक और रबर उद्योग को बढ़ावा देने की योजना बना रही है। इसके तहत उद्योग के लिए अलग नीति बनाई जाएगी। इस बारे में राज्य सरकार उद्योग संघों से भी विचार विमर्श कर रही है।  राज्य सरकार के सूत्रों के मुताबिक इस क्षेत्र में निवेश की संभावना को देखते हुए उद्योग विभाग काफी गंभीर है। सूत्रों की मानें तो बीते साल इस क्षेत्र में राज्य में 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश हुआ है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि निवेश के हिसाब से प्लास्टिक और रबर उद्योग बिहार में तेजी से उभर रहे उद्योगों में से एक है। इन उत्पादों की मांग और आपूर्ति में आज भी बड़ा अंतर है। ऐसे में इस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अलग नीति बनाने पर विचार कर रहे हैं। इस बारे में उद्योग संघों और निवेशकों से सुझाव भी मांगे गए हैं। राज्य सरकार इस संबंध में  दूसरे राज्यों की नीतियों का भी अध्ययन कर रही है।
 
राज्य सरकार ने इस क्षेत्र को अपनी प्राथमिकता वाले उद्योगों की श्रेणी में शामिल भी किया है। इसके तहत निवेशकों को राज्य जीएसटी के 80 फीसदी की प्रतिपूर्ति भी मिलेगी, वहीं ब्याज अनुदान भी दूसरे निवेशकों से ज्यादा मिलेगा। जमीन का इस्तेमाल बदलने और स्टांप ड्यूटी की भी 100 फीसदी प्रतिपूर्ति राज्य सरकार करेगी। इंडियन प्लास्टिक फेडरेशन के अध्यक्ष आलोक टिकरेवाल के मुताबिक बिहार में इस उद्योग के लिए असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने बीते दिनों बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया था कि बिहार में अब भी राष्ट्रीय औसत से काफी कम प्लास्टिक का इस्तेमाल होता है। बीते पांच साल में बिहार में प्लास्टिक उद्योग करीब 15 फीसदी की औसत रफ्तार से बढ़ा है, जिससे यहां विकास की जबरदस्त संभावना है। दूसरे उद्योगों से अलग नए उद्यमियों के लिए यह उद्योग ज्यादा अनुकूल है। राज्य सरकार की महत्त्वाकांक्षी कृषि रोडमैप योजना के तहत ड्रिप सिंचाई, छिड़काव प्रणाली और प्लास्टि कल्चर में भी हमारे उद्योग के लिए विकास की संभावना है। 
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