दो चीनी मिलों को दोबारा शुरू करेगी यूपी सरकार

बीएस संवाददाता | लखनऊ Jan 11, 2018 09:45 PM IST

योगी आदित्यनाथ सरकार ने उत्तर प्रदेश शुगर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीएसएससीएल) की बंद पड़ीं दो मिलें दोबारा शुरू करने के लिए 715 करोड़ रुपये रकम मंजूर की है। ये दोनों मिलें पिपराइच (गोरखपुर) और मुंडेरवा (गोरखपुर) में हैं। राज्य सरकार पिपराइच में 5,000 टन गन्ना पेराई क्षमता वाली नई मिल की स्थापना के लिए 401 करोड़ रुपये देगी। इसके अलावा 18 मेगावॉट क्षमता वाली एक बिजली सह-उत्पादन इकाई और डिस्टिलरी की स्थापना भी की जाएगी। यह संयंत्र 2008 से बंद पड़ा है।
 
मुंडेरवा में 5,000 टन गन्ना पेराई क्षमता वाली इकाई की स्थापना पर 314 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यहां भी 18 मेगावॉट क्षमता वाली बिजली सह-उत्पादन इकाई और डिस्टिलरी की स्थापना होगी। यह इकाई 1999 से बंद पड़ी है। ये दोनों मिलें शुरू होने पर संबंधित क्षेत्रों में 30,000 किसानों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही प्रत्येक मिल 8,500 लोगों के लिए रोजगार के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष अवसर भी सृजित करेगी, जिससे सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे पहले योगी ने कई मौकों पर कहा था कि किसानों लाभ पहुंचाने के लिए उनकी सरकार यूपीएसएससीएल की इकाइयां, खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में, शुरू करने के लिए गंभीर प्रयास करेगी। मौजूदा पेराई सत्र में केवल एक यूपीएसएससीएल मिल काम कर रही है। उत्तर प्रदेश गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि अगले 2018-19 गन्ना पेराई सत्र से पहले दो मिलें परिचालन के लिए तैयार हो जाएंगी। योगी मंत्रिमंडल ने हाल में हुई बैठक में वित्तीय राशि मंजूर की। राज्य सरकार यह रकम निगम को ऋण के तौर पर मुहैया कराएगी। 2007 में तत्कालीन मायावती सरकार ने यूपीएसएससीएल की मिलें (परिचालन में) और उत्तर प्रदेश चीनी एवं गन्ना विकास निगम लिमिटेड (यूपीआरसीईजीवीएनएल) की बंद पड़ीं इकाइयों के निजीकरण के आदेश दिए थे। जुलाई 2010 और मार्च 2011 के बीच 21 इकाइयां निजी कंपनियों को बेची गई थीं। 
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