बिहार में एयर कार्गो केंद्र बनाने की मांग

बीएस संवाददाता | पटना Jan 19, 2018 09:51 PM IST

बिहार और झारखंड में एयर कार्गो केंद्र की कमी का खमियाजा राज्य के निवेशकों को झेलना पड़ रहा है। राज्य के कारोबारियों के मुताबिक इस वजह से बिहार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग खासा नुकसान झेल रहा है। उन्होंने इस बारे में बजट में खास प्रावधान किए जाने की मांग की है।  बिहार देश में सब्जियों का दूसरा और फलों का छठा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। हालांकि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में करीब 50 प्रतिशत फल एवं सब्जियां बर्बाद हो जाती हैं, इसीलिए राज्य के कारोबारियों के मुताबिक यह बर्बादी रोकने में निर्यात बड़ी भूमिका निभा सकता है। ड्राई पोर्ट का अभाव इस राह में बड़ा रोड़ा है। बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष के पी एस केसरी ने बताया, 'राज्य में फलों एवं सब्जियों में फलों एवं और सब्जियों के निर्यात की खासी संभावनाएं हैं, लेकिन हालत यह है कि हम अपनी क्षमता का 20 प्रतिशत भी राज्य से बाहर नहीं भेज पा रहे हैं। इसकी बड़ी वजह बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।' केसरी ने बताया कि इसमें एयर कार्गो केंद्र बड़ी भूमिका निभा सकता है। उनके अनुसार इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिल कर एक योजना बनानी चाहिए। 
 
सरकारी अधिकारी भी कारोबारियों की इस बात से इत्तेफाक रखते हैं। बिहार और झारखंड में सीमा शुल्क विभाग के आयुक्त बी सी गुप्ता ने कहा,'बिहार में संभावनाएं तो अपार हैं, लेकिन सुविधाओं का अभाव है। फ लों और सब्जियों का उत्पादन तो बहुत होता है, लेकिन बुनियादी ढांचे के अभाव से एक बड़ा हिस्सा बर्बाद हो जाता है। दूसरे राज्यों के व्यापारी बिहार से माल खरीद कर उन्हें अपने बंगाल या उड़ीसा से विदेश भेजते हैं। इससे किसानों को पूरा मुनाफ ा नहीं मिल पाता है। एयर कार्गो स्थापित हो तो यह एक सकारात्मक कदम होगा।' गुप्ता ने कहा कि राज्य में कंटेनर डिपो स्थापित किए जाने का प्रयास भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समय बिहार या झारखंड में एक भी चालू कंटेनर डिपो नहीं है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कारोबार के लाभों से ये दोनों राज्य दूर हैं। 
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