मिलों पर 2,000 करोड़ रुपये के पार गन्ना बकाया

बीएस संवाददाता | लखनऊ Jan 21, 2018 09:30 PM IST

उत्तर प्रदेश में चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का बकाया एक बार फिर 2,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। हालांकि इस बार उत्तर प्रदेश में चीनी की रिकवरी रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ी है।

चीनी मिलों ने पेराई सत्र के शुरू में गन्ना मूल्यों के भुगतान में तेजी दिखाई थी लेकिन अब इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। इसका असर बकाया भुगतान में दिखने लगा है। गन्ना विकास विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अभी तक चालू पेराई सत्र में मिलों पर 1,922 करोड़ रुपये का बकाया हो गया है।

पिछले साल के 483 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भी अभी तक भुगतान नहीं हो सका है। प्रदेश में इस समय 118 चीनी मिलों में गन्ने की पेराई चल रही है। इन मिलों ने अब तक 4546.37 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर 464.56 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है। गन्ना किसानों के बकाया भुगतान के मामले में निजी चीनी मिलों के कई नामी समूह पिछड़े हुए हैं और सरकार की ओर से तय सीमा 14 दिनों में गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में सभी निजी व सरकारी चीनी मिलों ने अभी तक कुल 14,456.37 करोड़ रुपये मूल्य का गन्ना खरीदा है। इसके विपरीत 19 जनवरी तक कुल 9,753.34 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। पिछले साल 19 जनवरी तक औसत रिकवरी 9.89 फीसदी थी जबकि इस बार चीनी का परता 10.22 प्रतिशत है। सर्वाधिक 10.41 फीसदी रिकवरी मध्य क्षेत्र की है। पश्चिमी यूपी में एक क्विंटल गन्ने में 10.11 किलो चीनी और पूर्वी यूपी में 9.94 किलो चीनी बन रही है।

लखनऊ प्रमुख सचिव गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग संजय आर भूसरेड्डी के मुताबिक पहली बार चीनी मिलों के एस्क्रो खाता खोलने और चीनी, शीरा, बगास एवं प्रेसमड  की बिक्री से मिली धनराशि का 85 फीसदी गन्ना मूल्य भुगतान के लिए देने के निर्देश दिए गए हैं।

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