सूखे से निपटने के लिए तैयारी शुरू

बीएस संवाददाता | लखनऊ Feb 04, 2018 09:44 PM IST

बुंदेलखंड में सूखे की आशंका के मद्देनजर उत्तर प्रदेश सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस साल कमजोर मॉनसून के चलते बुंदेलखंड में सूखे की आशंका से चिंतित योगी सरकार ने क्षेत्र के सातों जिलों के अधिकारियों से 10 फरवरी तक राहत कार्ययोजना मांगी है। सूखे के मद्देनजर बुंदेलखंड में पर्याप्त पेयजल, सिंचाई एवं विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए तहसील व ब्लॉक स्तर पर नियंत्रण कक्ष खोले जाएंगे। इसके साथ मुख्य सचिव ने बुंदेलखंड में अब तक सूखे से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले इलाकों में दौरा करना शुरू कर दिया है। खुले घूम रहे जानवरों की समस्या से जूझ रहे बुंदेलखंड में अधिकारियों को पशु आहार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। सूखे और चारे आदि की कमी के चलते पिछले तीन साल से बुंदेलखंड में किसानों ने लाखों की तादाद में जानवरों को खुला छोड़ दिया है। 
 
प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार दो दिन के दौरे पर बुंदेलखंड आए थे। उन्होंने शनिवार को बुंदेलखंड के झांसी जिले के तालबेहट तहसील में पवा गांव का दौरा कर सूखे से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड में पेयजल एवं अन्य विकास कार्यों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा पर्याप्त धनराशि निर्गत करा दी गई है। कुमार ने कहा कि बुंदेलखंड में पेयजल की समस्या हेतु पानी की कमी कतई नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सूखे की आशंका देखते हुए गांवों में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए टैंकरों एवं अन्य संसाधनों का प्रयोग करने के निर्देश दिए हैं।  मुख्य सचिव राजीव कुमार ने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रदेश के बुंदेलखंड के सभी जिलों सहित मिर्जापुर, सोनभद्र एवं आगरा तथा मथुरा जनपदों में जनपदवार सूखा राहत कार्य योजना आगामी 10 फरवरी तक राहत आयुक्त को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। 
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