उप्र के प्रमुख शहरों में दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें

बीएस संवाददाता | लखनऊ Feb 05, 2018 09:58 PM IST

उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में जल्द ही इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर दौड़ेंगी। इसकी शुरुआत राजधानी लखनऊ से होगी, जहां पहले चरण में 40 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। प्रदेश सरकार आगरा-दिल्ली के बीच भी इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन को बढ़ावा देगी। सोमवार को महिंद्रा इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआत के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन देश की अर्थव्यवस्था को नया आयाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों की उपयोगिता के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए 'फेम इंडिया' का शुभारंभ किया है। इस योजना के तहत वर्ष 2020 तक देश की सड़कों पर 60 से 70 लाख इलेक्ट्रिक या हाईब्रिड वाहनों के संचालन का लक्ष्य है। योगी ने कहा कि 21 एवं 22 फरवरी को प्रदेश में आयोजित हो रहे 'निवेशक सम्मेलन' में इलेक्ट्रिक वाहन पर भी जोर रहेगा। इस खंड में उद्यमियों ने अपनी रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आगरा-दिल्ली के बीच बीच  वाहनों को बढ़ावा देने के साथ ही राज्य के अन्य मार्गों पर भी इनका परिचालन करना चाहती है।
 
विशेष रियायतों के साथ बिकेंगे आवास विकास परिषद के फ्लैट
 
खरीदारों की राह देख रहे आवास विकास परिषद के मंहगे फ्लैट अब विशेष पेशकश के साथ बेचे जाएंगे। उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में बड़ी तादाद में खाली पड़े मंहगे फ्लैटों की बिक्री के लिए आवास विकास परिषद ने न केवल पंजीकरण शुल्क घटा दिया है, बल्कि इनकी बिक्री के लिए खास आवास मेले भी आयोजित किए जाएंगे।   परिषद ने पंजीकरण की राशि को 10 प्रतिशत से घटा कर 5 प्रतिशत कर दिया है। जिन लोगों को फ्लैट आवंटित किए गए हैं, उन्हें भुगतान के लिए 3 साल से 10 साल का समय देने का फैसला किया गया है। हालांकि सात सालों तक किस्तों में भुगतान का विकल्प चुनने वालों को 10.5 से लेकर 11.5 प्रतिशत तक ब्याज भी देना होगा। परिषद अब विशेष पेशकश के तहत आवास मेलों का आयोजन कर 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर खाली पड़े फ्लैटों की बिक्री करेगा। 
 
विशेष रियायतों के साथ बिकेंगे आवास विकास परिषद के फ्लैट
 
खरीदारों की राह देख रहे आवास विकास परिषद के मंहगे फ्लैट अब विशेष पेशकश के साथ बेचे जाएंगे। उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में बड़ी तादाद में खाली पड़े मंहगे फ्लैटों की बिक्री के लिए आवास विकास परिषद ने न केवल पंजीकरण शुल्क घटा दिया है, बल्कि इनकी बिक्री के लिए खास आवास मेले भी आयोजित किए जाएंगे।   परिषद ने पंजीकरण की राशि को 10 प्रतिशत से घटा कर 5 प्रतिशत कर दिया है। जिन लोगों को फ्लैट आवंटित किए गए हैं, उन्हें भुगतान के लिए 3 साल से 10 साल का समय देने का फैसला किया गया है। हालांकि सात सालों तक किस्तों में भुगतान का विकल्प चुनने वालों को 10.5 से लेकर 11.5 प्रतिशत तक ब्याज भी देना होगा। परिषद अब विशेष पेशकश के तहत आवास मेलों का आयोजन कर 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर खाली पड़े फ्लैटों की बिक्री करेगा। 
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