महाराष्ट्र में मौसम की मार के बाद अब मरहम की तैयारी

सुशील मिश्र | मुंबई Feb 13, 2018 09:31 PM IST

सरकार ने की मुआवजा देने की घोषणा

मराठवाड़ा और विदर्भ के कई जिलों के खेतों में खड़ी फसल को पहुंचा है भारी नुकसान

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से महाराष्ट्र में लाखों हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई है। मराठवाड़ा और विदर्भ के इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा ने पहले से ही परेशान किसानों की मुश्किल बढ़ा दी है। दूसरी तरफ बजट सत्र में विपक्ष के हाथ एक और मुद्दा लग गया है और सत्ता पक्ष भी इस बात को समझ रहा है। यही वजह है कि राज्य सरकार ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की घोषणा की है।

मराठवाड़ा और विदर्भ के ज्यादातर जिलों में बेमौसम बारिश से तुअर, ज्वार, बाजरा, चना, अंगूर, संतरा, केला और आम की खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। किसान संगठनों का कहना है कि किसानों को खरीफ फसल का ऊंचा भाव नहीं मिला था। उन्हें राज्य सरकार की कर्ज माफी योजना का भी लाभ नहीं मिला और अब ओलावृष्टि से किसान पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। इससे किसानों की तंगहाल के मामले बढऩे की आशंका जताई जाने लगी है।

इसके राजनीतिक मुद्दा बनने की आशंका को भांपते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कृषि विभाग से तत्काल पूरी जानकारी देने और नुकसान की भरपाई के लिए सक्रिय होने को कहा है। उन्होंने कहा कि कृषि में बदलाव लाने के लिए कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए हैं और सरकार किसानों की आय और जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए कटिबद्घ है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने फसलों को हुए नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र के कृषि मंत्री पांडुरंग फुंडकर के मुताबिक राज्य के विभिन्न हिस्सों में रविवार को हुई ओलावृष्टि में 11 जिलों में 1.25 लाख हेक्टेयर से ज्यादा खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है। बुलढाना, अमरावती एवं जालना जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान की खबर है।
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