राजस्व विभाग में पैनापन लाने के लिए राजस्व आयोग का गठन

बीएस संवाददाता | जालंधर Feb 13, 2018 09:32 PM IST

पंजाब सरकार ने राजस्व विभाग को अधिक समक्ष और जवाबदेह बनाने के लिए 6 सदस्यों वाले राजस्व आयोग के गठन की अधिसूचना जारी की है। सेवानिवृत्त न्यायाधीश एस एस सरों की अध्यक्षता वाला यह आयोग आधुनिक कृषि एवं गैर-कृषि उपभोक्ताओं की जरूरतों के हिसाब से भूमि प्रशासन के मौजूदा कानूनों, पक्रियाओं आदि को अधिक धार देगा। आयोग राजस्व विभाग में अधिक पारदर्शिता लाने और इसे लोगों की जरूरतों के हिसाब से प्रतिक्रियात्मक बनाने के लिए नए कानूनों और तौर-तरीकों का सुझाव देगा। 
 
अतिरिक्य मुख्य सचिव (राजस्व) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार पंजाब लैंड रिकॉड्र्स सोसाइटी आयोग को सचिव स्तर पर सहयोग देगा। राजस्व विभाग और राज्य सरकार के अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी आवश्यकतानुसार आयोग को सहयोग देंगे। आयोग जरूरत पडऩे पर विशेषज्ञों से भी सलाह मशविरा कर सकता है। आयोग उसे सौंपे गए मुद्दों पर समय-समय पर अपनी रिपोर्ट जारी करेगा। इसका कार्यकाल एक साल का होगा और जरूरत के हिसाब से इसकी बैठक होगी। राज्य सरकार आयोग का कार्यकाल बढ़ा भी सकती है। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि आयोग के पास राजस्व से जुड़ी आशाओं, अपेक्षाओं, और समकालीन पंजाबी समाज की जरूरतों की संगठनात्मक सरंचना की समीक्षा का अधिकार होगा। आयोग आबादी, क्षेत्र आदि के लिए उपाय सुझाएगा। आयोग पंजाब भूमि राजस्व अधिनियम, 1887, पंजाब टीनैंसी अधिनियम, 1887, पंजाब भूमि सुधार अधिनियम, 1972 और अन्य दूसरे कानूनों की समीक्षा करेगा। आयोग को मौजूदा कानूनों में संशोधनों का अधिकार भी दिया जाएगा। 
कीवर्ड panjab, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह,

  
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