बिहार में बनेगी ई-मंडी

बीएस संवाददाता | पटना Feb 13, 2018 09:34 PM IST

बिहार सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य में कृषि वानिकी को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। इसके तहत एक विशेष नीति बनाई जाएगी। इसके साथ ही राज्य सरकार ने ऑनलाइन मंडी बनाने का भी ऐलान किया है, जहां इन उत्पादों को बेचा जा सकेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में अगले दो साल में वन क्षेत्र को 17 फीसदी करने का फैसला लिया है। पटना में मंगलवार को कृषि वानिकी समागम में मुख्यमंत्री ने कहा, 'बिहार में वन क्षेत्र काफी कम है। देश के क्षेत्रफल का 3.6 फीसदी बिहार में है, जबकि देश की 8.6 फीसदी आबादी इस राज्य में निवास करती है। 
 
आम धारणा के हिसाब से राज्य के 20 फीसदी हिस्से पर वन और जंगल होने चाहिए लेकिन जनसंख्या के दबाव को देखते हुए यह बात बेमानी हो जाती है, इसीलिए हमने राज्य में हरित आवरण बढ़ाने पर ध्यान दिया। कृषि वानिकी को भी प्रोत्साहित किया गया। वर्ष 2012 में पांच साल में राज्य का हरित आवरण 15 फीसदी तक करने का लक्ष्य रखा गया था, जो करीब-करीब हासिल हो चुका है।' मुख्यमंत्री ने बिहार में देश की पहली कृषि वानिकी नीति बनाने का फैसला लिया है। राज्य सरकार ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। राज्य में कृषि वानिकी उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने के लिए ई-मंडी बनाने का भी ऐलान किया गया है। 
 
नीतीश ने कहा, 'हम बड़े पैमाने पर कृषि वानिकी को बढ़ावा दे रहे हैं। इसीलिए अब इस बारे में एक नीति भी बनाना चाहते हैं। बिहार ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य होगा। इससे राज्य में आने वाले वर्षों में बड़ी तादाद में लकड़ी उपलब्ध होगी। ऐसे में किसानों को बाजार उपलब्ध करना भी हमारी जिम्मेदारी होगी। इसके लिए हमने एक ई-मंडी बनाने का फैसला लिया है। यहां किसान और खरीदार आसानी से लकड़ी की खरीद-बिक्री कर सकेंगे।' उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि अगले तीन महीनों में राज्य में कृषि वानिकी की नीति तैयार हो जाएगी।
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