निगम मूल्यांकन समिति-4 की रिपोर्ट से उद्यमियों को मिलेगी राहत!

रामवीर सिंह गुर्जर | नई दिल्ली Feb 18, 2018 09:29 PM IST

रिपोर्ट जल्द आने की संभावना

एमवीसी-3 में 5 से 13 गुना बढ़ी थी संपत्ति कर दरें, विरोध से लागू नहीं हुई थी
कारोबारियों की डीडीए व एमसीडी का निजीकरण करने की मांग

निगम मूल्यांकन समिति (एमवीसी)-4 की रिपोर्ट जल्द आने की संभावना है। इसमें दिल्ली के उद्यमियों को कुछ राहत मिल सकती है। एमवीसी-3 में उद्योग के लिए संपत्ति कर की दरों में कई गुना बढ़ोतरी की सिफारिश की गई थी। आवासीय क्षेत्रों के लिए भी संपत्ति कर दरों में इजाफा किया गया था। लेकिन उद्यमी व अन्य लोगों के विरोध के चलते उत्तरी व दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने इसे लागू नहीं किया जबकि पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने इसे लागू तो कर दिया, लेकिन बढ़ी दरों पर छूट दे दी।

सूत्रों के मुताबिक निगम मूल्यांकन समिति की चौथी रिपोर्ट लगभग बनकर तैयार है। इसे इस माह के आखिर या अगले माह तक तीनों निगमों को सौंपा जा सकता है। एमवीसी-4 की रिपोर्ट में एमवीसी-3 के मुकाबले संपत्ति कर दरों में राहत दी जा सकती है।

सूत्रों का कहना है कि एमवीसी-3 में उद्योग के लिए संपत्ति कर दरों में 500 से 1300 फीसदी इजाफा किया गया था। भारी इजाफे से खफा उद्यमियों के विरोध के चलते दो निगमों ने तो इसे लागू ही नहीं किया और एक निगम लागू करने के बाद भी बढ़ी दरों में छूट दे दी। ऐसे में एमवीसी-4 की रिपोर्ट को तैयार करते समय व्यावहारिकता के पहलू को देखा गया है।

दिल्ली के उद्यमियों ने भी निगम मूल्यांकन समिति से एमवीसी-4 की रिपोर्ट तैयार करते समय उद्यमियों पर संपत्ति कर दरों में कई गुना बढ़ोतरी कर भार न डालने की अपील की थी। इस बीच, कारोबारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने केंद्र सरकार से मांग की की डीडीए और दिल्ली नगर निगम बीते 60 वर्षों और तीन मास्टर प्लान बीत जाने के बाद भी दिल्ली के विकास में विफल रहा है। इसलिए इनके बने रहने का औचित्य समाप्त हो गया है लिहाजा इन दोनों निकायों का निजीकरण कर दिया जाए।

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