प्रधानमंत्री ने जेएनपीटी का चौथा टर्मिनल राष्ट्र को किया समर्पित

भाषा | नवी मुंबई Feb 18, 2018 09:35 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवाहर लाल नेहरू पत्तन न्यास (जेएनपीटी) की 7,900 करोड़ रुपये लागत से तैयार चौथी टर्मिनल परियोजना का पहला चरण आज राष्ट्र को समर्पित की। इससे कंटेनर की ढुलाई करने वाले देश के इस सबसे बड़े बंदरगाह की ढुलाई क्षमता 50 प्रतिशत बढ़ जाएगी। बंदरगाह माल ढुलाई क्षमता दोगुनी कर करीब एक करोड़ मानक कंटेनर यूनिट करना चाहता है। ऐसा होने पर यह दुनिया का 33वां सबसे बड़ा बंदरगाह बन जाएगा।
चीन के पास दो करोड़ टीईयू (ट्वंटीफीट इक्विलेंट  यूनिट) क्षमता के 15 बंदरगाह हैं। मोदी ने रिमोट कंट्रोल से इस टर्मिनल का उद्घाटन किया। इस चौथे टर्मिनल के पहले चरण का परिचालन अधिकार पोर्ट ऑफ सिंगापुर अथॉरिटी (पीएसए) के पास है। प्रधानमंत्री ने 16,700 करोड़ रुपये लागत से तैयार होने वाले नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डïे के पहले चरण की आधारशिला भी रखी। मोदी ने कहा कि यदि भारत को दुनिया में अपने लिए जगह बनानी है तो उसे नौवहन को बढ़ावा 
देना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार बंदरगाह क्षेत्र के विकास के साथ प्रगति के रास्ते पर आगे बढऩे पर ध्यान दे रही है। पीएसए के मुख्य कार्यकारी तान चोंग मेंग ने इस मौके पर कहा कि जेएनपीटी ने लंबे विलंब के बाद 2014 में उन्हें यह चौथा टर्मिनल का काम दिया। जेएनपीटी क्षमता बढ़ाने के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ी, जिस वजह से निजी क्षेत्र के मुंद्रा बंदरगाह आदि को अधिक अवसर मिले।
जेएनपीटी की ढुलाई क्षमता 48 लाख मानक कंटेनर यूनिट है। नई टर्मिनल के उद्घाटन के साथ इसमें 24 लाख मानक कंटेनर इकाई और जुड़़ गई है। वर्ष 2022 में दूसरा चरण पूरा होने पर इसमें 24 लाख टन क्षमता और जुड़ेगी। कुल मिलाकर तब बंदरगाह की कंटेनर क्षमता एक करोड़ इकाई तक पहुंच जाएगी। 
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