ई-ट्रेडिंग से मंडी की आय प्रभावित

बीएस संवाददाता | जगदलपुर Feb 20, 2018 10:04 PM IST

मंडी प्रशासन द्वारा शुरू की गई ई-ट्रेडिंग में व्यापारियों और किसानों की रुचि नहीं दिख रही है। कहा जा रहा है कि इससे मंडी परिसर में उपज की आवक कम हो गई है। यही वजह है कि मंडी की आय बुरी तरह प्रभावित हो रही है।  मंडी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शासन स्तर से किसानों और व्यापारियों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने और सुविधा मुहैया करवाने के मकसद से संभाग मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी में खरीद-बिक्री की सारी व्यवस्था ई-ट्रेडिंग के जरिये कराई जा रही है। इसके ठीक विपरीत मंडी में काम करने वाले व्यावसायियों और किसानों के मुताबिक उन्हें उपज की खरीद-बिक्री के वक्त नकद रकम की आवश्यकता होती है। यह व्यापारियों और किसानों के बीच की एेसी महत्त्वपूर्ण कड़ी है, जो वर्षों से इस सिलसिले को बरकरार रखे हुए है। बस्तर के किसान अब तक ई-ट्रेडिंग की व्यवस्था को न तो पूरी तरह से समझ पाए हैं और न ही उनका विश्वास इस व्यवस्था पर पनप सका है। चूंकि ई-ट्रेडिंग करने पर नकद राशि नहीं मिलती, लिहाजा इससे किसानों के साथ ही साथ व्यापारियों का भी मोहभंग हुआ है। इसी को उपज की आवक में कमी की प्रमुख वजह बताई जा रही है। मंडी सचिव सुरेश चौरे ने बताया कि किसानों और व्यापारियों की बैठक लेकर उन्हें ई-ट्रेडिंग के बारे में बताया जा चुका है। बावजूद आवक में गिरावट दर्ज की गई है। जल्द ही व्यापारियों और किसानों की एक और बैठक की जाने वाली है।  
 
अवैध रेत की आपूर्ति!
 
बेलगांव में इंद्रावती नदी के पुल के समीप धड़ल्ले से अवैध रेत उत्खनन चल रहा था। यहां से रेत की आपूर्ति निर्माणाधीन नगरनार इस्पात संयंत्र में की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद बकावंड तहसीलदार ने संयुक्त टीम के साथ छापा मारा। अधिकारियों ने बताया कि इंद्रावती नदी पर एक नया पुल बनकर तैयार हुआ है। इस पुल के नीचे कस्तूरी सरपंच बनमाली के द्वारा अवैध तरीके से रेत का उत्खनन कराया जा रहा था। पुलिस ने जेसीबी और रेत की ढुलाई में लगे 19 ट्रैक्टरों को जब्त कर नगरनार थाने में रखा है। बकावंड तहसीलदार आनंद नेताम ने बताया कि संबंधित लोगों के बयान लिए गए हैं।
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