पंजाब को मिले विशेष राज्य का दर्जा

बीएस संवाददाता | जालंधर Feb 22, 2018 09:47 PM IST

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए 90:10 के शेयरिंग पैटर्न की बहाली को सुगम बनाने के लिए राज्य को विशेष दर्जा दिए जाने की मांग की।  नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने के साथ गुरुवार को एक बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास के प्रमुख क्षेत्रों में केंद्र से सहायता के लिए अपनी मांग को भी दोहराया जिसमें सीमांत इलाकों के लिए विशेष पैकेज और सीमा से सटी नदी का संरक्षण मुख्य रूप से शामिल है।  पंजाब के लिए शेयरिंग पैटर्न बदलकर 50:50 किया गया था। अमरिंदर सिंह ने इसे फिर से 90:10 किए जाने की मांग की है, जो अब सिर्फ विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए ही लागू है। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने पंजाब को विशेष श्रेणी के राज्यों की सूची में शामिल कए जाने की मांग की। 
 
मुख्यमंत्री ने एक बार फिर से पंजाब के किसानों के लिए कृषि ऋण माफी के लिए केंद्रीय सहायता का मु्द्दा भी उठाया। साथ ही उन्होंने राज्य में कृषि को मजबूत बनाने के प्रयास में सिंचाई ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए भी विशेष पैकेज की मांग की।  अमरिंदर सिंह ने भूजल के संरक्षण और इसके अधिक किफायती इस्तेमाल में केंद्रीय सहायता की जरूरत पर भी जोर दिया। भूजल स्तर तेजी से घट रहा है जिससे राज्य में सिंचाई के लिए पानी की गंभीर किल्लत को बढ़ावा मिल रहा है। इसके अलावा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने फिरोजपुर में बहुप्रतीक्षित पीजीआई सैटेलाइट सेंटर परियोजना के क्रियान्वयन के मुद्दे को भी उठाया। लगभग चार वर्ष पहले स्वीकृत हुई इस परियोजना को अभी शुरू किया जाना बाकी है। बैठक में उपस्थिति अन्य लोगों में नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चांद, वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव सुरेश कुमार आदि मुख्य रूप से शामिल थे। 
कीवर्ड panjab, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह,

  
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