वित्त वर्ष 2016-17 में बिहार की विकास दर रही 10.3 फीसदी

बीएस संवाददाता | पटना Feb 26, 2018 10:19 PM IST

बिहार की विकास दर दोबारा से दो अंकों में पहुंच गई है। राज्य की विकास दर वित्त वर्ष 2016-17 में 10.3 प्रतिशत रही। हालांकि, इस दौरान बिहार में निर्माण (कंस्ट्रक्शन) और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) गतिविधियों में गिरावट दर्ज की गई है।

राज्य के उप-मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने बिहार विधानमंडल में सोमवार को आर्थिक समीक्षा पेश की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों को बताया, 'राज्य के तेज विकास के लिए हमने ढांचागत विकास लागू किया है, जिससे राज्य की विकास की रफ्तार तेज हुई है। सेवा क्षेत्र के तेज विकास से राज्य की अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिली है। इस वजह से वर्ष 2004 से लेकर 2014 तक बिहार की औसत सालाना विकास दर 10.1 प्रतिशत की रही है। अगर निकट अतीत की बात करें, तो पिछले वित्त वर्ष में राज्य की विकास की रफ्तार 10.3 प्रतिशत रही, जबकि वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान बिहार की विकास दर करीब 7.5 प्रतिशत थी। यह देश की विकास दर से ज्यादा है, जहां बीते दो साल में औसत यह तरक्की 7 फीसदी की रही है। साथ ही, पिछले वित्त वर्ष में राज्य की प्रति व्यक्ति आय 29,178 प्रतिशत की रही। यह राष्ट्रीय औसत का 32.4 प्रतिशत है।' 
राज्य के तेज विकास में सबसे बड़ी भूमिका कृषि व सहयोगी प्रक्षेत्र और सेवा प्रक्षेत्र में तेज विकास की रही है। समीक्षा के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष में राज्य में प्राथमिक क्षेत्र में स्थिर मूल्यों पर वित्त वर्ष 2016-17 में 6.6 प्रतिशत की विकास दर्ज की गई है। इसमें भी सबसे ज्यादा विकास खेती में दर्ज की गई है, जहां 8.2 प्रतिशत की तरक्की हुई है। दूसरी तरफ, सेवा प्रक्षेत्र में पिछले वित्त वर्ष स्थिर मूल्यों पर 14.5 प्रतिशत की तरक्की दर्ज की गई है। 
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