मप्र कचुनावी बजट में सबके लिए कुछ-कुछ

संदीप कुमार | भोपाल Feb 28, 2018 09:56 PM IST

मध्य प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में कृषि क्षेत्र पर खासा ध्यान देने की कवायद की है। राज्य के वित्त मंत्री जयंत मलैया ने राज्य विधानसभा में आज 2,04,642 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट के अनुसार वित्त वर्ष 2017-18 में राज्य सरकार को 26,780 करोड़ रुपये का राजकोषीय घाटा हुआ। वित्त मंत्री ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़कर 3.84 फीसदी हो गई है। प्रदेश में किसानों में बढ़ते रोष, जीएसटी के कारण असंतुष्टï व्यापारी वर्ग और कर्मचारी वर्ग के असंतोष को देखते हुए इस बजट पर सबकी निगाहें थीं। यह बजट शिवराज सिंह चौहान सरकार के मौजूदा कार्यकाल का पांचवां और अंतिम बजट था। राज्य सरकार ने बजट में सबको साधने की कोशिश की है। जैसे कि उम्मीद की जा रही थी, बजट में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया है। 

 
बजट में कृषि एवं संबद्घ क्षेत्रों के लिए 37,498 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में तकरीबन 70 फीसदी ज्यादा है। सिंचाई के लिए 10,928 करोड़ रुपये की घोषणा की गई। किसानों की आय दोगुनी करने के एजेंडे पर चलते हुए सरकार ने उद्यानिकी के लिए 1,158 करोड़ रुपये, पशुपालन के लिए 1,038 करोड़ रुपये तथा मछली पालन के लिए 52 करोड़ रुपये आवंटित करने के प्रस्ताव दिए हैं।  बजट में उद्योगों के विकास पर भी ध्यान दिया गया है। मलैया ने कहा कि अप्रैल 2018 या उसके बाद किसी तारीख से उत्पादन प्रारंभ करने वाली इकाइयों को उनके निवेश का अधिकतम 40 फीसदी या 150 करोड़ रुपये की राशि प्रोत्साहन सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी। वहीं जीएसटी प्रणाली लागू होने से पहले से संचालित इकाइयां जिन्हें वैट तथा सीएसटी प्रतिपूर्ति के रूप में सहायता प्राप्त हो रही थी उनको किस मापदंड से सहायता प्रदान की जाए इस विषय में गठित समिति की अनुशंसा सरकार को मिल चुकी है और इस पर जल्दी निर्णय लिया जाएगा। पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष गौतम कोठारी ने बजट को अच्छा और सामान्य बताया। प्रदेश में स्कूली शिक्षा के लिए 27,724 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया। ऊर्जा क्षेत्र के लिए 18072 करोड़ रुपये, सीवर नेटवर्क के विकास के लिए 11,932 करोड़ रुपये,  महिला एवं बाल विकास के लिए 3722 करोड़ रुपये, ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल के लिए 2,986 करोड़ रुपये जबकि शहरी पेयजल के लिए 697 करोड़ रुपये तथा पशुपालन के लिए 1038 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
 
बुनियादी विकास
 
बुनियादी विकास से जुड़ी घोषणाएं करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भोपाल और इंदौर शहरों में मेट्रो रेल परियोजना का काम वर्ष 2018-19 में आरंभ हो जाएगा। दोनों शहरों के बीच 6 लेन वाले एक्सप्रेस वे को भी सैद्घांतिक मंजूरी प्रदान की गई। इसके अलावा जबलपुर, सागर और ओरछा में बायपास बनाने तथा 532 नई सड़कें बनाने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बजट को जनकल्याणकारी बताते हुए कहा कि इसमें बुनियादी क्षेत्र और कृषि के लिए की गई घोषणाएं प्रदेश की समृद्घि का आधार हैं। जबकि नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने बजट को खारिज करते हुए कहा कि सरकार 2 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए गर्व महसूस करती है लेकिन यह नहीं बताती कि उस पर 1.50 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है।
कीवर्ड madhya pradesh, bhopal, budget,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक