'हमारी नीतियों से बदलेगी राज्य की तस्वीर'

सिद्धार्थ कलहंस |  Mar 18, 2018 09:40 PM IST

बीएस बातचीत

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अपना एक साल पूरा होने के मौके पर राज्य की जनता को निवेश, किसान कर्ज माफी, कई बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत से लेकर तमाम उपलब्धियों के बारे में बताएगी। योगी सरकार की वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर सिद्धार्थ कलहंस ने की उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से बातचीत :

बीते एक साल में आप अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि किसे मानते हैं?

हमारे पास उपलब्धियों का अंबार है। हमारा एक साल ही विरोधी दलों के 15 वर्षों पर भारी है। हमने खस्ताहाल कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद किया। प्रदेश का खजाना खाली होने के बाद भी हमने किसानों के कर्ज माफ कर उन्हें राहत पहुंचाई है। प्रदेश की जनता को भी महसूस हो रहा है कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है। बिजली, सड़क या शिक्षा हर मोर्चे पर हमारी सरकार ने बेहतर किया है। पहले की सरकारों में प्रदेश के पांच जिलों को ही 24 घंटे बिजली मिलती थी लेकिन हमने इस भेदभाव को खत्म किया है। 

योगी सरकार ने आते ही गड्ढा मुक्त सड़कों का वादा किया था लेकिन इस पर अक्सर सवाल खड़े होते हैं...

ऐसा नहीं है। हमारी सरकार को विरासत में 1.21 लाख किलोमीटर खस्ताहाल सड़कें मिली थीं। हमारी सरकार के 100 दिन पूरा होते होते 90 फीसदी सड़कें गड्ढा मुक्त हो गईं। जिस सवाल की आप बात कर रहे हैं, उसके बारे में मै साफ कर दूं कि जिन सड़कों को एनएचएआई चार लेन का बना रही है, या जहां काम चल रहा वहां गड्ढे नजर आ रहे हैं। 

सड़कों के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार अक्सर केंद्र से असहयोग का रोना रोती है, इस बारे में आपका क्या कहना है?

पहले ऐसा होता रहा होगा मगर अब केंद्र व प्रदेश दोनों जगहों पर भाजपा की सरकार है और केंद्र से हमें पूरा सहयोग मिल रहा है। हमारी ही सरकार के प्रयासों से केंद्र सरकार ने केंद्रीय सड़क निधि से 10,000 करोड़ रुपये दिए हैं। कई सड़कों को चार लेन घोषित कराने में हम सफल हुए हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर काम चल रहा है।

आपने प्रदेश के खाली खजाने की बात कही है। प्रदेश की इन बड़ी सड़क परियोजनाओं के लिए धन की कमी कैसे पूरी होगी?

यह सही है कि पिछली सरकारों ने पैसे का सही उपयोग नहीं किया नतीजा, न तो काम हुआ और न खजाना बचा। मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं कि भाजपा सरकार में विकास कार्यों के लिए पैसे की कमी आड़े नहीं आएगी। सभी एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए बजट में धन की व्यवस्था की गई है आगे और भी पैसा देंगे।

किसानों का कर्ज माफ हुआ लेकिन उपज का उचित मूल्य, सिंचाई सहित कई परेशानियों से वे अब भी जूझ रहे हैं...

कर्ज माफी हमारा सबसे बड़ा कदम था लेकिन हम वहीं नहीं रुके हैं। किसानों को लागत का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार प्रयासरत हैं। गेहूं, धान की रिकॉर्ड सरकारी खरीद हो या गन्ना किसानों का भुगतान, हमने हर मोर्चे पर बेहतर काम किया है। हम दो लाख क्विंटल आलू की सरकारी खरीद कर रहे हैं। पहली बार बंपर फसल के बावजूद किसानों को बेहतर दाम मिल रहा है।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उत्तर प्रदेश और किसानों की सबसे बड़ी जरूरत है। आपके पास इस विभाग की भी जिम्मेदारी है। ऐसे में इस क्षेत्र को लेकर क्या योजना है?

निवेशक सम्मेलन में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में 30,000 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। हमारी कोशिश होगी कि इनमें से ज्यादातर परियोजनाएं प्रदेश के पिछड़े इलाके बुंदेलखंड व पूर्वांचल में लगे। 

निवेशक सम्मेलन में बड़े पैमाने पर एमओयू हुए हैं और इन्हें जमीन पर उतारना बड़ी चुनौती होगी। इस पर आप क्या कर रहे हैं? 

हमने इस पर काम शुरू कर दिया है। हर प्रस्ताव की निगरानी हो रही है। निवेशकों से व्यक्तिगत संपर्क साधा जा रहा है। अधिकारियों की टीम को खास तौर इस काम के लिए लगाया गया है। 

निवेशक सम्मेलन की सफलता के बाद क्या यह सिलसिला जारी रहेगा?

हमारा लक्ष्य सफल सम्मेलन कराना नहीं है बल्कि निवेश लाना है। यह एक सतत प्रक्रिया है जो जारी रहेगी। हम निवेश आकर्षित करने के लिए आगे भी इसी तरह के सम्मेलन या अन्य प्रयास करते रहेंगे। 

हाल के उपचुनावों के नतीजों ने सरकार व संगठन को सोचने पर मजबूर किया होगा?

चुनावी असफलता को हम सकारात्मक तरीके से लेते हैं और उसकी समीक्षा कर रहे हैं। यह सबक है कि आत्मविश्वास के चलते चुनावी नतीजे हमारे पक्ष में नहीं रहे लेकिन हम सपा-बसपा के मिलकर लडऩे के बाद भी मामूली अंतर से हारे हैं। हम अपनी नीतियों व योजनाओं पर चलते रहेंगे और एक बार फिर में 2019 में 2014 की सफलता को दोहराएंगे। 

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