उत्तर प्रदेश में आलू विकास बोर्ड का होगा गठन

बीएस संवाददाता | लखनऊ Mar 19, 2018 09:47 PM IST

उत्तर प्रदेश में बदहाल आलू किसानों की समस्याओं के समाधान और उनके हित के लिए योजनाएं लाने के इरादे से योगी सरकार ने आलू विकास बोर्ड बनाने का फैसला किया है। आलू किसानों को खुले बाजार में उत्पाद की बिक्री से होने वाले घाटे से बचाने के लिए राज्य सरकार मध्य प्रदेश की तर्ज पर भावांतर योजना भी लागू करेगी। दिलचस्प बात है कि राज्य में आलू की बंपर पैदावार से कीमतें गिरने का जोखिम पैदा हो गया है।  योगी सरकार का एक साल पूरा होने पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आलू किसानों को नुकसान से बचाने और उन्हें उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रदेश सरकार आलू विकास बोर्ड का गठन करने जा रही है। हाल ही में प्रदेश सरकार की ओर से आलू किसानों की समस्याओं के निराकरण तलाशने के लिए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में बनाए गए मंत्रिसमूह ने इसकी सिफारिश की थी। 

 
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि प्रदेश सरकार ने बोर्ड के गठन पर सहमति  जता दी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस बारे में अधिसूचना जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि बोर्ड का काम वजह किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाना भर नही होगा, बल्कि आलू की नई प्रजाति विकसित करने में भी यह सहयोग देगा।  आलू किसानों के लिए मध्य प्रदेश की तर्ज पर भावांतर योजना लाने के बारे में मौर्य ने कहा कि उनकी सरकार ने पहली बार प्रदेश में आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया है और इसकी सरकारी खरीद शुरू की है। आलू की सरकारी खरीद महज 2 लाख टन करने इस सत्र में 150 लाख टन पैदावार के सवाल पर उन्होंने कहा कि भावांतर योजना इसी के लिए शुरू की जा रही है।
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