हरित उद्योगों को किफायती दाम पर मिलेगी जमीन

रामवीर सिंह गुर्जर | नई दिल्ली Mar 20, 2018 06:13 PM IST

दिल्‍ली सरकार कर रही तैयारी

► रानीखेड़ा, बापरौला औद्योगिक परियोजनाओं पर 7,575 करोड़ के व्‍यय से पैदा होंगे 2.5 लाख रोजगार
दोनों औद्योगिक परियोजनाएं फास्ट ट्रैक पर, दो से तीन साल में होंगी पूरी
बुधवार को पेश होगा आउटकम बजट, 22 मार्च को दिल्ली बजट

दिल्ली सरकार ज्ञान व गैर प्रदूषित उद्योग लगाने वालों को किफायती दाम पर जगह देने जा रही है। दरअसल, सरकार राष्ट्र्रीय राजधानी को ज्ञान, स्‍वच्‍छ, हाईटेक उद्योगों का हब बनाकर रोजगार के नये अवसर पैदा करने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए सरकार ने लंबे समय से प्रस्तावित दो औद्योगिक परियोजनाओं पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। सरकार आगामी वर्षों में रानीखेडा और बापरौला औद्योगिक परियोजनाओं पर 7,575 करोड़ रुपये खर्च कर 2.5 लाख से ज्यादार रोजगार पैदा करेगी।

दिल्ली के उद्योग मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार रानीखेड़ा में करीब 147 एकड़ में बहुमंजिला विनिर्माण हब विकसित कर गैर प्रदूषित, ज्ञान/सेवा आधारित उद्योग बसाने जा रही है। इस परियोजना के तहत उद्यमियों को किफायती दाम पर उद्योग के लिए जगह दी जाएगी। जैन ने कहा सरकार कोशिश करेगी कि उद्यमियों को सबसे कम कीमत पर जगह दी जाए। दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि बापरौला व रानीखेड़ा औद्योगिक परियोजनाओं की घोषणा कई साल पहले हो चुकी है। लेकिन इस पर काम नहीं हुआ। अब मौजूदा सरकार में ये परियोजनाएं फास्ट ट्रैक पर आ गई हैं। रानीखेड़ा के ले-आउट प्लान को मंजूरी मिल चुकी है। इसके लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर नियुक्ति करने की प्रक्रिया चल रही है। इस परियोजना पर करीब 5,000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। जिससे 1.5 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

रानीखेड़ा में 19 औद्योगिक भवन, 6 वेयरहाउस भवन बनाये जाने हैं। इस परियोजना का 70 फीसदी क्षेत्र खुला हुआ होगा और इसमें से 40 फीसदी हरित क्षेत्र होगा। मौजूदा सरकार ने बापरौला औद्योगिक परियोजना पर भी तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। करीब 55 एकड़ भूमि पर बापरौला औद्योगिक पार्क बनाने की अनुमानित लागत 2,575 करोड़ रुपये है। इस पार्क से प्रत्यक्ष तौर एक लाख और अप्रत्यक्ष तौर पर 1.70 लाख रोजगार पैदा हो सकते हैं। दिल्ली सरकार रानीखेड़ा व बपरौला औद्योगिक परियोजनाओं को अगले 2-3 साल में पूरा करना चाहती है।

इस बीच, दिल्ली सरकार राज्य के आगामी बजट से पहले बुधवार को आउटकम बजट पेश करेगी। जिसमें यह बताया जाएगा कि चालू बजट में विभिन्न योजनाओं के लिए आवंटित धन से क्या लाभ हुआ? दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सीलिंग मसले पर निगरानी समिति से बुधवार को मुलाकात कर सकते हैं।

कीवर्ड जमीन, रानीखेड़ा, बापरौला, औद्योगिक परियोजना, रोजगार, बजट,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक