गठबंधन के लिए मायावती ने तेज की कोशिश

बीएस संवाददाता | लखनऊ Mar 26, 2018 10:04 PM IST

राज्य सभा चुनावों में मायूसी हाथ लगने के बावजूद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने समाजवादी पार्टी और अन्य दलों के साथ गठबंधन को लेकर अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। मायावती ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ 2019 में होने वाले लोक सभा चुनावों में महागठबंधन की वकालत की है। उन्होंने कांग्रेस और सपा सहित सभी दलों से एक साथ आने की अपील की है।  'मन की बात' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डॉ भीमराव आंबेडकर का उल्लेख किए जाने को लेकर नाराजगी जताते हुए मायावती ने कहा कि भाजपा के राज में बाबा साहब का सपना कभी पूरा नहीं हो सकता। मायावती ने भविष्य की चुनावी रणनीति को लेकर सोमवार को पार्टी के जोनल और मंडल समन्वयकों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने भाजपा पर सांप्रदायिक सोच तथा दलित और गरीब विरोधी पार्टी होने का आरोप लगाया। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि भाजपा ने उनकी पार्टी के दलित उम्मीदवार को हराने के लिए सारे हथकंडे अपनाए। धनबल का इस्तेमाल किया और सरकारी एजेंसियों का डर दिखाकर विधायकों को बसपा उम्मीदवार के पक्ष में वोट डालने से रोका। भाजपा जातिवादी पार्टी है और वह नहीं चाहती कि दलितों और गरीबों की आवाज संसद में पहुंचे।
 
गोरखपुर और फूलपुर में सपा को समर्थन देकर भाजपा को हराने की कामयाब रणनीति को अंजाम पर पहुंचाने वाली मायावती ने कहा कि उनके इस गठजोड़ से भाजपा बौखलाई हुई है। मायावती ने कहा कि सपा से यह तालमेल लोक सभा चुनाव में भी जारी रहेगा और इसके लिए कार्यकर्ताओं को कमर कस लेनी चाहिए। मायावती ने बैठक में जोनल समन्वयकों से संसदीय क्षेत्र में जातिगत समीकरण सहित पार्टी के वोट और जीत के समीकरण का फीडबैक जुटाने को कहा है। 
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