सफेद हाथी साबित हो रही मंडी की ग्रेडिंग मशीन

बीएस संवाददाता | जगदलपुर Mar 26, 2018 10:16 PM IST

संभागीय मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी में 8 वर्ष पहले स्थापित की गई लाखों की ग्रेडिंग मशीन सफेद हाथी साबित हो रही है। मशीन के मेंटनेंस की ओर मंडी प्रशासन का ध्यान नहीं है, इसके चलते मशीन का शेड भी जर्जर हो रहा है।  शासन द्वारा किसानों की सुविधा के लिए संभागीय मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी में मंडी बोर्ड रायपुर के माध्यम से लगभग 14 लाख रुपये की कीमत की ग्रेडिंग मशीन विगत 25 मई 2009 में भेजी गई। इस मशीन का प्रचार-प्रसार सही ढंग से नहीं किए जाने के कारण बस्तर के किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा था। 
 
इसके चलते मंडी प्रशासन ने ग्रेडिंग मशीन को कोहकामुंडा बीज केंद्र निगम को किराये में दे दिया। निगम ने लगभग सवा साल तक मशीन को किराये पर चलाया और उसके बाद निगम ने स्वयं की मशीन खरीद ली। मंडी की ग्रेडिंग मशीन एक बार फिर मंडी को लौटा दी गई। इस वजह से जो किराया मंडी प्रशासन को प्राप्त हो रहा था, उससे भी हाथ धोना पड़ा। पिछले लगभग 4-5 वर्षों से उक्त मशीन के लिए तैयार किए गए शेड के मुख्य गेट पर ताला लटका है। साथ ही मशीन का शेड भी जर्जर हो गया है, इस दिशा में मंडी प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। 
 
किसानों की अरुचि
 
मंडी सूत्र बता रहे हैं कि किसानों की सुविधा के लिए ग्रेडिंग मशीन भेजी गई थी, लेकिन बस्तर के किसान इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं, जिससे उपयोग न हो पाने की वजह से यह स्थिति बनी है। किसान यदि इसमें रुचि दिखाते तो निश्चित तौर पर इसका मेंटेनेंस मंडी प्रशासन को करना पड़ता। मंडी सचिव सुरेश चौरे ने बताया कि मैंने अभी ज्वाइन किया है। इस मशीन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। अधीनस्थों से पूछकर बता पाऊंगा। 
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