विकास कार्यों पर खर्च में पिछड़ी दिल्ली सरकार

रामवीर सिंह गुर्जर | नई दिल्ली Mar 27, 2018 09:37 PM IST

चालू वित्त वर्ष में आवंटन का 80-85 % खर्च होने के आसार

आगामी वित्त वर्ष में 27 फीसदी अधिक खर्च का लक्ष्य पूरा होना मुश्किल
सरकार के उप राज्यपाल, अधिकारियों से टकराव का असर खर्च पर पड़ने की आशंका

दिल्ली सरकार भले ही तीन साल में बजट डेढ़ गुना से अधिक बढ़ाने को उपलब्धि बता रही हो लेकिन सरकार कार्यक्रम/योजनाओं पर आवंटित बजट खर्च करने में लगातार पिछड़ रही है। सरकार तीन वर्षों में विकास कार्यों के लिए आवंटित राशि का 75 से 86 फीसदी ही खर्च कर पाई है। दिल्ली सरकार का उप राज्यपाल व अधिकारियों के साथ टकराव के बीच आगामी बजट के दौरान भी योजनाओं के लिए आवंटित धन खर्च का लक्ष्य पूरा करना आसान नहीं होगा। दिल्ली सरकार ने चालू वित्त वर्ष में विकास कार्यों पर खर्च के लिए 18,500 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। 

संशोधित अनुमान के मुताबिक 16,000 करोड़ रुपये ही खर्च होंगे, जो बजट आवंटन का करीब 86 फीसदी है। सूत्रों के मुताबिक संशोधित अनुमान का लक्ष्य पूरा होना भी मुश्किल है। विकास कार्यों पर खर्च का आंकड़ा 15,000 से 15,500 करोड़ रुपये के बीच रह सकता है। वित्त वर्ष 2016-17 में योजनाओं पर आवंटित 20,600 करोड़ रुपये में से 14,104 करोड़ रुपये ही खर्च हुए थे। इसी तरह वित्त वर्ष 2015-16 में 19,000 करोड़ में से करीब 15,000 करोड़ रुपये ही खर्च हुए। वित्त वर्ष 2018-19 में कार्यक्रमों पर खर्च के लिए बजट में 22,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो इस वित्त वर्ष संशोधित खर्च अनुमान से करीब 27 फीसदी अधिक है। दिल्ली वित्त विभाग के एक पूर्व अधिकारी के मुताबिक उप राज्यपाल, मुख्य सचिव व अन्य अधिकारियों के साथ टकराव और बीते वर्षों में बजट में आवंटित राशि के कम खर्च को देखते हुए 27 फीसदी अधिक खर्च करना संभव नहीं दिख रहा है।
कीवर्ड delhi, budget, arvind kejriwal,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक