परीक्षा के जरिये नियुक्त होंगे पुजारी, मिलेगा वेतन

बीएस संवाददाता | मुंबई Mar 30, 2018 09:35 PM IST

मंदिरों में पारदर्शिता लाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक अहम कानून तैयार किया है। राज्य सरकार ने विश्व प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर में अब पुजारियों की नियुक्ति राज्य स्तरीय परीक्षा के जरिये करने का फैसला किया है। पुजारियों में 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी। इन पुजारियों को राज्य सरकार द्वारा तय वेतन मिलेगा। राज्य सरकार महालक्ष्मी मंदिर के साथ राज्य के दूसरे मंदिरों में भी यह योजना लागू करने की तैयारी कर रही है। इस कदम का मकसद मंदिरों में योग्य पुजारियों को लाना और काम-काज में पारदर्शिता बहाल करना है। 
 
महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों में मंदिरों में पुजारियों की तैनाती और उनके वेतन संबंधित विधेयक एकमत से पारित हो गया है। दोनों सदनों में विधेयक पास होने के बाद यह कानून में तब्दील हो गया। अब राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह कानून अमल में आ जाएगा। नए कानून के मुताबिक फि लहाल मंदिर में तैनात पुजारी के अधिकार खत्म हो गए हैं। मंदिर व्यवस्थापन समिति छत्रपति शाहू महाराज द्वारा स्थापित किए गए शाहू वैदिक स्कूल को पूरी मदद देगा। नगर विकास राज्य मंत्री रणजीत पाटील ने विधेयक पेश करते वक्त सदन को बताया कि सरकार श्री करवीर निवासिनी अंबाबाई मंदिर ट्रस्ट, कोल्हापुर की भी स्थापना करेगी। पिछले कई महीनों से कोल्हापुर स्थित अंबाबाई मंदिर में सरकारी पुजारी की नियुक्ति को लेकर जन आंदोलन चल रहा था। दरअसल लोग पुजारी द्वारा देवी को घाघरा चोली पहनाए जाने से नाराज थे। इसके बाद राज्य सरकार यह विधेयक लेकर आई। 
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