इस बार बस से सफर करना होगा महंगा

सुशील मिश्र | मुंबई Apr 03, 2018 09:25 PM IST

महंगाई की बे-बसी

ईंधन महंगा होने का हवाला देते हुए बस मालिक जल्द ही करने वाले हैं किराये में करीब
15 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान

स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी होते ही मुंबई के लोग अपने गांव या  फिर पर्यटक जगहों पर छुट्टी बिताने जाते हैं, लेकिन इस बार की छुट्टी उनकी जेब हल्का कर देगी। ईंधन महंगा होने का हवाला देते हुए बस मालिक जल्द ही किराए में करीब 15 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान करने वाले हैं। इसके साथ ही स्कूल बसों के किराये में भी बढ़ोतरी की बात जा रही है। मुंबई की बेस्ट का भी किराया बढ़ाने का प्रस्ताव पास हो चुका है।

डीजल-प्रेटोल महंगा होने का असर अब दूसरी चींजों पर भी पड़ना शुरू हो गया है। बस मालिकों ने किराये बढ़ाने के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं। बस मालिकों का कहना है कि पिछले एक साल में पेट्रोल के दाम करीब 9 रुपये और डीजल के दाम करीब 7 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। 1 अप्रैल से बीमा भी महंगा हो गया है, इसी तरह महंगाई बढ़ने का असर दूसरे खर्चों पर भी पड़ा है, जिसके कारण बसों का खर्च पिछले साल की अपेक्षा 30 प्रतिशत अधिक हो गया है। ऐसे में किराये में बढ़ोतरी करना बस मालिकों की मजबूरी बन गई है।

बसों का किराया बढ़ाए जाने के विषय पर शुक्रवार को मालिकों की बैठक हुई। इस बैठक में स्कूल बस, निजी परिवहन बसों के किराये में बढ़ोतरी का फैसला लिया जाएगा। एएस ट्रैवल्स के सुधीर भाई ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ोतरी का सबसे पहले और सीधा असर बसों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि गर्मी की छुट्टी में मुंबई से गुजरात, कर्नाटक और राज्य के दूसरे हिस्सों में जाने वाले यात्रियों की संख्या में करीब 30  प्रतिशत अधिक रहती है।

उन्होंने कहा कि सरकारी बसों की संख्या और उनकी हालत देखते हुए लोग निजी बसों को प्राथमिकता देते हैं, ऐसे में निजी बसों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वह यात्रियों को अधिक सुविधाएं दें। स्कूल बस ओनर्स एसोसिएशन के अनिल गर्ग ने कहा कि स्कूलों में करीब 15 प्रतिशत फीस बढ़ोतरी हुई है। स्कूलों के बस का किराया साल में एक बार ही बढ़ाया जा सकता है और इसके बाद बढ़ोतरी संभव नहीं है।

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