कोरियाई रडार से हवाई उड़ान होगी आसान

बीएस संवाददाता | जगदलपुर Apr 03, 2018 09:26 PM IST

कुम्हारपारा स्थित मौसम विज्ञान केंद्र भवन की छत पर कोरियाई रडार  लगाया गया है। जीपीएस बेस्ड रेडियो साउंडिंग सिस्टम वाले इस रडार को कोरियाई कंपनी जिंग यांग ने तैयार किया है। इससे मौसम के साथ-साथ एटीएस की भी सटीक जानकारी मिलेगी। कुछ उपकरण और लगने हैं, जिसके बाद किसानों के लिए भी यह रडार मददगार होगा। छत्तीसगढ़ में जगदलपुर और रायपुर में यह रडार लगाया गया है।  बस्तर से जल्द ही यात्री विमान सेवा प्रारंभ होने वाली है। एेसे में मौसम विभाग की अहमियत बढ़ जाती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पुराने चीनी रडार की जगह कोरियाई रडार स्थापित किया है।
 
बस्तर में पहले से वायुसेना का बेस है। एेसे में एटीएस को मौसम कार्यालय से जरूरी जानकारी चाहिए होती है। बिना अपर विंड की सटीक जानकारी के उड़ानें संभव नहीं होंती। इस रडार से न केवल अपर विंड की जानकारी हासिल होगी, बल्कि उड़ान की ऊंचाई तय करने में भी मदद मिलेगी। अमूमन यात्री विमान चॉपर से अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरते हैं, लेकिन लैंडिंग और टेक ऑफ के वक्त ऊंचाई का महत्त्व खासा बढ़ जाता है। फिलहाल रनवे के किनारे पोर्टेबल किट के जरिये तापमान, हवा का दाबव, उसकी दिशा, आद्रता और दृश्यता की जानकारी विमानन विभाग को उपलब्ध कराई जा रही है।
 
किसानों के लिए खुलेगा नया उपार्जन केंद्र
 
इलाके के किसानों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक प्रबंधन ने फैसला लिया है कि अगले साल से रायकोट में नया उपार्जन केंद्र खोला जाएगा। रायकोट में उपार्जन केंद्र खोले जाने की मांग क्षेत्र के कई गांवों के किसान लंबे समय से कर रहे हैं। बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक रायकोट में उपार्जन केंद्र खोलने के लिए नैनमूर, नैननार, कामदेव, कुरुसपाल, सालेपाल, बारुपाटा और कलेपाल गांवों के किसानों ने कई बार आवेदन दिया। 
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