तोप-रिवॉल्वर बनाने में आयुध इकाइयों न रचा इतिहास

बीएस संवाददाता | कानपुर Apr 09, 2018 10:10 PM IST

कई प्रकार की समस्याओं से जूझ रही कानपुर समेत देश भर की आयुध निर्माणियों ने इस वर्ष उत्पादन में नया रिकॉर्ड कायम किया है। पूरे देश की आयुध इकाइयों ने अब तक का सबसे अधिक रिकॉर्ड उत्पादन किया है। इस वर्ष 17,200 करोड़ का उत्पादन रहा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 800 करोड़ अधिक है। इसमें कानपुर स्थित पांच आयुध इकाइयों में करीब 1,900 करोड़ का उत्पादन किया है। पूरे देश में 41 आयुध इकाइयां हैं। कानपुर में फील्डगन, ओएफसी, एसएएफ, ओपीएफ  और ओईएफ है। जहां पर सेना के तीनों अंगों के लिए रक्षा और प्रतिरक्षा उत्पाद तैयार किए जाते हैं। 

 
इनमें से तीन आयुध इकाइयों में बोफ ोर्स, धनुष तोप की बैरल के अलावा पिनाक मल्टीबैरल रॉकेट लॉन्चर के उपकरण, कई प्रकार की रिवॉल्वर, मशीनगन, राइफल आदि बनाई जाती है। दो अन्य इकाइयों में पैराशूट व सैनिकों के जूते व अन्य उत्पाद बनते हैं। सू़त्रों ने बताया कि मौजूदा समय में इन इकाइयों में आधुनिकीकरण, निजीकरण के अलावा कर्मचारियों की तमाम समस्याएं हैं। इसके बावजूद इन इकाइयों में जबरदस्त उत्पादन हुआ है, जो अपने आप में रिकॉर्ड हैं। इसके अलावा सभी आयुध इकाइयों में अब तक का सर्वाधिक उत्पादन लक्ष्य हासिल किया गया है। आयुध निर्माणी बोर्ड से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि यह उत्पादन अब तक का सर्वश्रेष्ठï उत्पादन लक्ष्य है। 
 
एक दिन में  आवेदन का होगा निस्तारण
 
प्रदेश में उद्यमी-व्यापारियों को सहूलियतें उपलब्ध कराने की दिशा में श्रम विभाग ने नई पहल की है। अब विभाग में विभिन्न तरह के अधिनियमों के तहत मिलने वाले आवेदनों के निस्तारण के लिए एक दिन की अवधि तय कर दी गई है। अभी तक इनके निस्तारण के लिए 21 दिन की समयसीमा थी।  श्रम विभाग के वरिष्ठï अधिकारी के मुताबिक कारोबारी सुगमता के तहत नई व्यवस्था विभाग में 5 अप्रैल से प्रभावी है। विभाग में आने वाले आवेदनों का निस्तारण एक दिन के अंदर ही करना होगा।
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