बिजली शुल्क लौटाएगी उत्तर प्रदेश सरकार

बीएस संवाददाता | लखनऊ Apr 11, 2018 09:47 PM IST

उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण बिजली उपभोक्ताओं से पिछले पांच साल के दौरान लिया गया बिजली शुल्क उन्हें लौटाएगी। प्रदेश सरकार गांवों में बिना मीटर बिजली का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को 523 करोड़ रुपये वापस करेगी। राज्य सरकार पिछले पांच सालों के दौरान बिना मीटर के बिजली का इस्तेमाल करने वाले 60 लाख ग्रामीण उपभोक्ताओं को 20 प्रतिशत की दर से शुल्क वापस करेगी। इस बारे में उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने पॉवर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक को तलब किया था, जिसके बाद सरकार की ओर से शुल्क वापस करने का फैसला लिया गया। आयोग की सख्ती के बाद बिजली उपभोक्ताओं को करीब 523 करोड़ रुपये वापस होंगे।

प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार ने सभी बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को निर्देश जारी कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने यह आदेश जारी कराने के संघर्ष में उपभोक्ताओं का पूरा साथ देने के लिए राज्य के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा का आभार व्यक्त किया है।  परिषद ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश सरकार से यह मांग की है कि अधिक वसूली गई रकम उपभोक्ताओं को ब्याज सहित लौटाई जाए और जो अधिकारी इसके लिए दोषी हैं, उन्हें दंडित किया जाए।  परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पिछले 5 सालों के दौरान बिना मीटर के बिजली का उपभोग करने वाले करीब 60 लाख उपभोक्ताओं से लगभग 523 करोड़ रुपये बिजली शुल्क के मद में वसूले गए हैं। वर्मा ने कहा कि इस तरह एक उपभोक्ता से पिछले 5 वर्षों में तय शुल्क के बिल पर अलग अलग सालों में लगभग 940 रुपये बिजली शुल्क अधिक वसूल किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब यह राशि उपभोक्ताओं के बिल में समाोजित होगी। 
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