बिजली कटौती रोकने के लिए कसी कमर

बीएस संवाददाता | लखनऊ Apr 13, 2018 09:45 PM IST

उत्तर प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बिजली व्यवस्था के निजीकरण को लेकर योगी सरकार से अभयदान पाने के बाद अब पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के कर्मचारी और इंजीनियर अपनी छवि सुधारने में जुट गए हैं। उन्होंने इन गर्मियों में बिजली कटौती से उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कमर कसी है। साथ ही शिकायतों को दूर करने की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। कॉरपोरेशन के मुताबिक इस बार गर्मियों में राज्य के 19 जिलों के उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना नहीं करना होगा। कॉरपोरेशन की वितरण कंपनी मध्यांचल निगम ने बिजली कटौती से निपटने की योजना  तैयार की है।  इसके साथ ही भ्रष्टï कर्मचारियों से भी निपटने की तैयारी कर ली गई है। अगर किसी पर भ्रष्टाचार का आरोप मिला तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 
निगम के प्रबंध निदेशक के मुताबिक 25 केवीए के कई ट्रांसफॉर्मरों को 63 केवीए ट्रांसफॉर्मर में बदला जाएगा। मध्यांचल के सभी जिलों में यह काम हर हाल में 15 मई तक पूरा हो जाएगा। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने राजधानी लखनऊ सहित मध्यांचल वितरण निगम के तहत आने वाले कई जिलों में बिजली के निजीकरण का फैसला किया था। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक संजय गोयल ने बताया कि गर्मी से पूर्व भी बिजली विभाग ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत पर ध्यान दे रहा है। विभिन्न क्षमता के 6,150 ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत कराई गई है। साथ ही 1800 अतिरिक्त नए ट्रांसफॉर्मरों की जरूरत महसूस की गई है, जिसके लिए ऑर्डर दे दिया गया है। 
 
उन्होंने कहा कि गांवों में कैंप लगाकर फ्री में कनेक्शन दिया जाएगा। गोयल ने बताया कि ग्राम स्वराज अभियान कार्यक्रम के तहत 14 अप्रैल से 5 मई के बीच मध्यांचल के अंतर्गत आने वाले 19 जिलों के 1425 गांवों के उपभोक्ताओं को इस योजना के तहत कनेक्शन दिए जाएंगे।
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