फीके दाम मिलने से किसानों ने सड़क पर फेंका टमाटर

भाषा | भोपाल Apr 13, 2018 09:46 PM IST

मध्य प्रदेश में नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में टमाटर के भाव दो रुपये प्रति किलोग्राम भी नहीं मिलने से गुस्साए किसानों ने टमाटर वहां सब्जी मंडी में सड़क पर फेंक दिए। किसानों का कहना है कि टमाटर उगाना इन दिनों नुकसान का धंधा हो गया है, इसलिए इसे सड़क पर फेंक रहे हैं।  इससे ठीक दो दिन पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर स्थित शाहगंज इलाके में भी टमाटर के कम दाम से नाराज होकर किसानों को अपनी उपज सड़क पर फेंकने के लिए विवश होना पड़ा था। किसान यूनियन संगठन नरसिंहपुर के अध्यक्ष बाबू पटेल ने बताया कि किसानों को टमाटर उत्पादन पर आने वाली लागत भी नहीं मिल पा रही है।
 
 इसी बीच, मध्य प्रदेश किसान सभा के अध्यक्ष जसविंदर सिंह ने कहा कि प्रदेश में टमाटर पर किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को अनाज की तरह साग-सब्जी एवं फलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करना चाहिए, ताकि उन्हें अपनी इस उपज का भी वाजिब दाम मिले। मध्य प्रदेश आम आदमी पार्टी के संयोजक आलोक अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में किसानों की माली हालात बहुत खराब हो गई है, क्योंकि राज्य सरकार उनके हितों की रक्षा करने में असफल रही है। 
 
अग्रवाल ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में किसानों की इतने बुरी दशा हो गई है कि हर रोज प्रदेश में पांच किसान आत्महत्या कर रहे हैं। मध्यप्रदेश के कृषि, बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के प्रमुख सचिव राजेश राजौरा ने बताया, मुझे किसानों द्वारा आज नरसिंहपुर में किए गए विरोध के बारे में पता नहीं है। इस बीच, महाराष्ट्र में उस्मानाबाद के किसानों ने बिक्री में आ रही बाधाओं का हवाला देते हुए मंत्रालय के द्वार पर सब्जियां फेंक दीं। अधिकारियों के अनुसार किसानों ने प्याज, बैंगन, आलू, हरी मिर्च और नींब आदि फेंक दिए। 
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