नकदी किल्लत से कारोबारी खफा

बीएस संवाददाता | पटना Apr 15, 2018 09:58 PM IST

बिहार में नकदी की किल्लत से कारोबारियों की हालत खराब हो गई है। कारोबारियों ने इस बारे में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), भारत सरकार और बिहार सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। आरबीआई ने इस दिशा में कदम उठाने का आश्वासन दिया है।  पिछले दो-तीन महीनों से राज्य में नकदी की कमी सामने आ रही है। पिछले एक महीने से हालत खासी गंभीर है। राज्य की ज्यादातर बैंक शाखा और एटीएम खाली पड़े हैं। सबसे ज्यादा बुरी हालत छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों की है। 
 
सूत्रों के मुताबिक इन इलाकों  में एटीएम कई दिनों से बंद पड़े हुए हैं, वहीं शाखाओं में पैसे भी हफ्ते में एक या दो दिन ही मिल रहे हैं। कारोबारियों के मुताबिक इसका व्यवसाय पर बुरा असर हो रहा है। बैंक अधिकारी भी इस वजह से आए दिन लोगों के साथ विवाद की शिकायत कर रहे हैं। हाल ही में सारण जिले के मोहम्मदपुर गांव में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में नकदी नहीं रहने की वजह से लोगों ने भारी हंगामा किया था। इसके बाद शाखा के प्रबंधक ने अपने पद से इस्तीफ ा दे दिया था। 
 
बिहार चैंबर ऑफ  कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष पी के अग्रवाल के अनुसार राज्य में बैंकिंग व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। उनके मुताबिक शादी-विवाह के इस मौसम में नकदी की किल्लत का राज्य के कारोबार पर बहुत बुरा असर हो रहा है।  उन्होंने कहा, ' राज्य की ज्यादातर बैंक शाखाएं और उनके एटीएम में पैसे नहीं हैं। ऐसा लगता कि बैंक का ध्यान रखने वाला कोई नहीं है। एक तरफ तो बैंक सेवा के नाम पर उपभोक्ताओं से मनमाना शुल्क वसूलते हैं, वहीं उपभोक्ताओं को बैंक पैसा उपलब्ध करा पाने में नाकाम रहते हैं। इसका राज्य के आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ कारोबारियों पर बहुत असर हो रहा है। सरकार और आरबीआई को तुरंत इस पर ध्यान देना चाहिए।' कारोबारियों का कहना है कि  नकदी नहीं मिलने से खरीफ  फ सलों के लिए तैयारी शुरू होने में बाधा आएगी। ऐसे में नकदी की किल्लत से समूची खेती-बाड़ी चौपट हो जाएगी। हालांकि बैंकों ने इस बारे में ठीकरा आरबीआई पर फ ोड़ा है। 
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