अटकी बीएचईएल की परियोजना

भाषा | भोपाल Apr 15, 2018 10:00 PM IST

बीएचईएल भोपाल के जम्बूरी मैदान में प्रस्तावित सौर ऊर्जा परियोजना पिछले डेढ़ साल से मध्य प्रदेश सरकार की अनुमति की बाट जोह रही है। इस वजह से परियोजना पर काम शुरू नहीं हो पाया है। माना जाता है कि इस मैदान पर पिछले कुछ वर्षों से मध्य प्रदेश सरकार अपने सरकारी कार्यक्रमों एवं सभाओं का आयोजन कर रही है, जिसके कारण अनुमति नहीं दी जा रही है।  बीएचईएल भोपाल के प्रवक्ता विनोदानंद झा ने बताया कि बीएचईएल भोपाल कारखाने से सटी हुई करीब 200 एकड़ जमीन कंपनी की है। यह जम्बूरी मैदान के नाम से जानी जाती है और कंपनी की विस्तार की योजना है। इस जम्बूरी मैदान की 50 एकड़ जमीन पर बीएचईएल भोपाल का सौर ऊर्जा संयंत्र करीब डेढ़ साल से प्रस्तावित है। जिलाधिकारी की अनुमति नहीं मिलने के कारण परियोजना अटकी पड़ी है। 

 

उन्होंने कहा, 'हमने केंद्रीय गैर पारंपरिक ऊर्जा विभाग से इस परियोजना के लिए पहले से ही मंजूरी ले रखी है, ताकि गैर पारंपारिक ऊर्जा को बढ़ावा देने की पहलों के तहत हमें भी केंद्र सरकार से सब्सिडी मिले।' भोपाल जिलाधिकारी सुदाम खाड़े ने बताया, 'जम्बूरी मैदान में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए बीएचईएल ने हमसे अनुमति मांगी थी। इस पर बीएचईएल के साथ चर्चा चल रही है।' उन्होंने कहा कि जम्बूरी मैदान की जमीन बीएचईएल की है।खाड़े ने बताया कि जम्बूरी मैदान सरकारी कार्यक्रमों के आयोजन के लिए उपयुक्त स्थल है। यहां आयोजन होने से शहर के अंदर किसी तरह का व्यवधान नहीं होता, इसलिए इस पर सौर बिजली संयंत्र बनाया जाए या न बनाया जाए, इस पर बीएचईएल के साथ बातचीत जारी है।

 

हालांकि बीएचईएल के प्रवक्ता ने बताया, 'भोपाल के जिलाधिकारी कह रहे हैं कि जम्बूरी मैदान के अलावा कहीं और जमीन चिह्निïत कर लो, भोपाल या इसके आसपास कहीं भी। राज्य सरकार वहां संयंत्र लगाने के लिए जमीन दिलाने में बीएचईएल की पूरी मदद करेगी।' उन्होंने बताया, 'यदि प्रदेश सरकार राज्य के किसी भी शहर में इस जम्बूरी मैदान के बदले जमीन देती है, तो ग्रिड से जोड़कर बीएचईएल कारखाने के लिए बिजली लाई जा सकती है। हालांकि जम्बूरी मैदान में मिलता तो अच्छा होता। 
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