कांग्रेस सरकार आम आदमी पर बढ़ा रही बोझ: अकाली दल

बीएस संवाददाता | जालंधर Apr 20, 2018 10:16 PM IST

शिरोमणि अकाली दल ने बिजली दरों में लगातार बढ़ोतरी से राज्य की जनता पर कथित तौर पर पडऩे वाले दबाव की आलोचना की है। पार्टी ने राज्य की कांग्रेस सरकार से बिजली दरों में बढ़ोतरी तत्काल वापस लेने की मांग की है। अकाली दल ने कहा कि राज्य सरकार को बिजली पर सभी अतिरिक्त शुल्क वापस लेकर उद्योगों को 5 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मुहैया करानी चाहिए। 

यहां एक बयान में राज्य के पूर्व मंत्री और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 2.17 रुपये प्रति यूनिट बढ़ोतरी और नियत शुल्क में 10 रुपये प्रति किलोवाट बढ़ोतरी ने आम लागों की कमर तोड़ दी। मजीठिया ने कहा कि राज्य के लोग पहले से बिजली दरों से परेशान थे, लेकिन राज्य सरकार ने मुसीबत और बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने उद्योग क्षेत्र को भी नहीं छोड़ा और बिजली दरों में 2 प्रतिशत बढ़ोतरी कर दी। मजीठिया ने कहा कि इतना ही नहीं, राज्य सरकार ने नियत शुल्क में भी 10 से 15 रुपये प्रति यूनिट की बढ़ोतरी कर दी। मजीठिया ने कहा, 'इससे साबित होता है कि कांग्रेस सराकार ने एक सोची समझी साजिश के तहत उद्योग जगत को झांसा दिया है। कांग्रेस ने उद्योग को 5 रुपये प्रति यूनिट दर से बिजली मुहैया कराने का आश्वासन दिया था।'


पूर्व मंत्री ने कहा कि हाल की बढ़ोतरी और बिजली पर अन्य शुल्कों से कुल मिलाकर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में पिछले एक साल में 15 से 18 प्रतिशत तक का इजाफ हुआ है। उन्होंने कहा, 'पिछले साल अक्टूबर में राज्य सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के दरों में 9 से 12 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की थी।'
कीवर्ड शिरोमणि अकाली दल, बिजली, राज्य,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक