बिहार ने बिजलीघर किए एनटीपीसी को सुपुर्द

बीएस संवाददाता | पटना Apr 23, 2018 09:42 PM IST

बिहार सरकार ने आधिकारिक रूप से अपने सभी बिजलीघर एनटीपीसी को सुपुर्द कर दिए हैं। इससे राज्य सरकार को सालाना लगभग 900 करोड़ रुपये की बचत होगी। इसके अलावा ऊर्जा विभाग ने निकट भविष्य में नए बिजलीघरों का निर्माण नहीं करने का भी फैसला लिया है। राज्य सरकार ने बजट में बिजलीघर एनटीपीसी को सौंपने की घोषणा की थी। हाल में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में ऊर्जा विभाग के इस प्रस्ताव पर मुहर लगी थी। राज्य के मुख्य सचिव अंजनी सिंह ने बताया, 'इस वक्त राज्य सरकार के बरौनी, कांटी और नबीनगर बिजलीघरों में बिजली उत्पादन लागत क्रमश: 5.75 रुपये, 5.5 रुपये और 4.25 रुपये प्रति यूनिट है। लागत अधिक होने से राज्य की बिजली वितरण कंपनियों को नुकसान हो रहा है। इस वजह से ये बिजलीघर एनटीपीसी को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इससे राज्य सरकार को 875 करोड़़ रुपये की बचत होगी।' 
 
राज्य सरकार ने पिछले 10 वर्षों में बिजलीघरों के निर्माण, पुनर्निर्माण एवं विस्तार पर करीब 30-40 हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं। राज्य सरकार के अधीन इस वक्त तीन बिजलीघर हैं। इनमें से नबीनगर और कांटी बिजली परियोजनाओं का परिचालन पहले ही एनटीपीसी के हाथों में है। इन दोनों बिजलीघरों के निर्माण, पुनर्निर्माण और विस्तार में एनटीपीसी साझेदार रही है। 2,000 मेगावॉट क्षमता वाले नबीनगर बिजलीघर में एनटीपीसी की करीब आधी हिस्सेदारी है, जबकि 600 मेगावॉट क्षमता वाली कांटी बिजली परियोजना के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी एनटीपीसी के पास थी।  राज्य ऊर्जा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि  खर्चीला होने के कारण भविष्य में बिजलीघरों का निर्माण नहीं होगा। 
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