बनारसी वस्त्रो से सजेगा एशिया के देशो का मंच

अजय मिश्र | वाराणसी Apr 23, 2018 09:56 PM IST

विश्व के मानचित्र पर बनारसी वस्त्र उद्योग अपना जलवा और भी बिखेरने की तैयारी कर रहा है। वाराणसी के दीनदयाल हस्तकला संकुल में आयोजित तीन दिवसीय बनारसी वस्त्र मेले में आए आठ एशियाई देशों के राजनयिकों ने कहा कि एशियाई देशों में बनारसी कपड़ो की मांग बढ़ी है और यहां के वस्त्र उत्पाद विभिन्न देशों में बहुतायत उपयोग में लाए जा रहे हैं। मॉरिशस के उच्चायुक्तजगदीश्वर गोवर्धन ने कहा कि मॉरिशस में वाराणसी के हस्तशिल्प को पसंद किया जाता है। इसे लेकर मॉरिशस सरकार पहली बार देश में 30 जुलाई से 5 अगस्त 2018 तक क्रेता विक्रेता समागम का आयोजन करने जा रही है। 

 
वियतनाम के राजदूत टोन सिन्ह ंने कहा कि भारत से हर साल 30 करोड़ डॉलर के धागे आयात होते हैं और 30 अरब डॉलर के रेडीमेड कपड़े निर्यात किये जाते हैं।  ईरान के आर्थिक सलाहकार असगर ओमिदी ने कहा कि ईरान में बनारसी वस्त्रों की बहुत मांग है। कपड़ो के साथ लकड़ी के खिलौने, गुलाबी मीनाकारी का भी ईरान में अच्छा बाजार है।  थाईलैंड के राजदूत शुतिंनथोन खोंगसक ने थाईलैंड  बनारसी कपड़ो के बढ़ते बाजार पर कहा कि बनारस के वस्त्रो पर डिजाइन की कारीगरी लोगो को खूब लुभाती है।  वेनेजुएला के राजदूत पीडी मोनटील मेडीना ने बताया कि हमारे यहां बेहतरीन कपड़ो की खूब मांग रहती है। बनारसी वस्त्र काफी अच्छे होते है। 
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