गन्ना किसानों के भुगतान के लिए मिलों ने मांगी सरकारी मदद

बीएस संवाददाता | पटना Apr 26, 2018 09:48 PM IST

राज्य की चीनी मिलों ने गन्ना किसानों को भुगतान के लिए सरकारी मदद की गुहार लगाई है। उनके अनुसार चीनी की गिरती कीमतों की वजह से उनकी माली हालत खराब है। मिल मालिकों के मुताबिक इस परिस्थिति में रियायतों से गन्ना किसानों का बकाया चुकाने में उन्हें आसानी होगी।   राज्य की चीनी मिलों ने बिहार सरकार से चालू पेराई सत्र में प्रति टन गन्ने पर कम से कम 50 रुपये सब्सिडी की मांग की है। बिहार शुगर मिल्स एसोसिएशन के सचिव नरेश भट्टï ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, 'राज्य में चीनी की कीमतें करीब 2,700 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर आ गई हैं, जबकि हमारी लागत 3,700-3,800 रुपये प्रति क्विंटल बैठती है। इस तरह, हमें प्रति क्विंटल 1,100-1,200 रुपये नुकसान हो रहा है। इस हिसाब से हमें करीब 780 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका है, जो हमारे लिए बहुत ज्यादा होगा, इसलिए हमने राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई है। हम चाहते हैं कि राज्य की चीनी मिलों को प्रति क्विटंल गन्ने पर कम से कम 50 रुपये की सब्सिडी दी जाए।' भट्टï ने कहा कि इस बारे में नीतीश कुमार से अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कहा कि  इससे उनके घाटे की प्रतिपूर्ति तो नही होगी, लेकिन गन्ना किसानों का बकाया भुगतान करने में उन्हें आसानी होगी। 
 
एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक राज्य की चीनी मिलों का इस साल गन्ना किसानों पर कुल बकाया 2030 करोड़ रुपये का था, जिसमें से मिल प्रबंधनों ने 64 फीसदी का भुगतान किया है। भट्टï ने बताया, 'हम पर अब 742 करोड़ रुपये ही बकाया हैं। शेष भुगतान हमने अपने अपने स्रोतों के जरिये किए हैं। संभवत: बिहार देश का इकलौता ऐसा राज्य होगा, जहां किसानों को इतनी अधिक रकम का भुगतान हुआ है।'
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