उप्र को बिजली कटौती से मिलेगी राहत

बीएस संवाददाता | लखनऊ Apr 27, 2018 09:56 PM IST

उत्तर प्रदेश में इस बार लोगों को बिजली की कमी की शिकायत नहीं होगी। राज्य सरकार ने बिजली की बढ़ी मांग पूरी करने के लिए बिजली आपूर्ति कार्यक्रम (रोस्टर) में बदलाव किया है, साथ ही केंद्रीय ग्रिड से 1,600 मेगावॉट बिजली मेगावॉट अतिरिक्त बिजली का जुगाड़ किया है। प्रदेश सरकार ने कहा है कि जिन जिलों को शत-प्रतिशत बिजली कनेक्शन मिल जाएंगे और बिल भुगतान होने लगेगा, वे बिजली कटौती से पूरी तरह मुक्त रखे जाएंगे। फिलहाल गाजियाबाद बिजली मुक्त श्रेणी में शामिल होने वाला वाला पहला जिला है। 
 
राज्य के बिजली मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि जल्द ही गाजियाबाद की तरह दूसरे जिलों में भी बिजली कटौती नहीं होगी। शर्मा ने कहा कि जिन जिलों में पारेषण नुकसान कम होकर 10 प्रतिशत रह जाएगा, उन्हें भी कटौती से राहत मिलेगी। गाजियाबाद के बाद नोएडा, बुलंदशहर, हापुड़ व कई अन्य जिले 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दायरे में लाए जाएंगे।  प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार के मुताबिक राज्य के बाहर से बिजली आयात क्षमता 8700 मेगावॉट से बढ़कर 10,300 मेगावॉट हो जाने के बाद अगस्त-सितंबर तक इस क्षमता को तात्कालिक मांग के अनुरूप और बढ़ाया जाएगा। राज्य के प्रमुख सचिव, ऊर्जा आलोक कुमार ने बताया कि राज्य में बिजली वितरण क्षेत्र में उदय योजना लागू करने के बाद पारेषण नुकसान पिछले साल के 32.8 प्रतिशत के मुकाबले 2017-18 में इसमें 27.35 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई। 
 
उन्होंने कहा कि औसत बिजली विक्रय दर एवं औसत राजस्व वसूली के अंतर को 1.52 रुपये प्रति यूनिट से कम कर 87 पैसे प्रति यूनिट तक किया गया है। पिछले सालों के मुकाबले गर्मी में बिजली की मांग एवं आपूर्ति में 20-25 प्रतिशत का अंतर घटाकर 5 से 7 प्रतिशत तक लाया जाएगा। कुमार ने कहा कि आवश्यकता होने पर एनर्जी एक्सचेंज से खरीद कर प्रदेश को बिजली आपूर्ति की जाएगी।
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